नेपाल में मधेसी आंदोलन तेज होने के साथ भारत विरोध भी जोर पकड़ रहा है और इसका असर अब स्कूलों तक जा पहुंचा है । नेपाल के स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली स्वामी विवेकानंद की जीवनी को शिक्षकों ने ही पुस्तक से फाड़ दिया है।
नेपाल के जूनियर स्कूलों में स्वामी विवेकानंद के जीवन परिचय को नेपाली अध्यापकों ने भारत विरोध के कारण किताबों से फाड़ दिया है। छात्रों के मन में भारत विरोधी मानसिकता भरी जा रही है। स्कूली बच्चे मधेसी बच्चों को मोदी की संतान की संज्ञा दे रहे हैं।
मधेसी पहाड़ी समुदाय के बच्चों को ओली पुत्र बता रहे हैं। वहीं, रविवार को नेपालगंज के बांके में संयुक्त थारुहट अवध मधेस संघर्ष समिति के तत्वावधान में नोमेंस लैंड पर चक्काजाम किया गया।
आंदोलन नेपाल की पूर्व मधेसी सांसद सत्यवती वर्मा, कौशल कुमार मिश्रा, राजेश कुमार वर्मा, शांता सोनकर, गफूर खां, रामनिहोड़ी वर्मा की अगुवाई में किया गया। किसी भी बड़े वाहन को नेपाल में प्रवेश नहीं दिया गया।