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श्रीलंका में रह रहे तमिलों का आरोप- हमारा रेप करती है सेना और पुलिस, छोड़ना चाहते हैं देश

Thu, 09 Nov 2017 06:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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तमिल शख्स
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श्रीलंका में रह रहे तमिल नागरिकों द्वारा यूरोप में शरण मांगने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, अब इसके पीछे की वजह सामने आई है। एक एजेंसी ने शरण मांगने वाले कुछ लोगों का इंटरव्यू किया जिसमें कुछ हैरान करने वाले खुलासे हुए। शरण मांगने वाले इन तमिल लोगों ने श्रीलंका की आर्मी और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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यूरोप में शरण मांग रहे तमिल लोगों का कहना है कि श्रीलंका की पुलिस और आर्मी उन लोगों पर तमिल टाइगर्स में शामिल होने का आरोप लगाकर उठा लेती है और फिर उनको मारने पीटने के साथ-साथ उनका शारीरिक शोषण भी करती है।

लोगों का कहना है कि उनका रेप करके गर्म सलाखों से पीटा जाता है। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, एक ने बताया कि उसको 21 दिन तक एक कमरे में बंद करके रखा गया जहां उसका 12 बार रेप हुआ। उसने सिगरेट से जले और रॉड से पीटने के निशान भी दिखाए।
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क्या है श्रीलंका की सिविल वार?

श्रीलंका आर्मी
श्रीलंका में 26 साल तक चले घमासान के बाद 2009 में सिविल वार खत्म हुआ। वह लड़ाई तमिल टाइगर्स और सरकार के बीच चल रही थी। यूएन के अनुसार इस लड़ाई के अंतिम महीनों में एक लाख लोग मारे गए जिसमें से चालिस हजार आम आदमी थे।

अब पूरे मामले के चर्चा में आने के बाद तमिल लोगों का कहना है कि वह दुनिया को बताना चाहते हैं कि श्रीलंका में उनके साथ क्या हो रहा है। तमिल लोगों के मुताबिक, उनको श्रीलंका में दूसरे दर्जे के लोग समझा जाता है। मामले के बढ़ने के बाद श्रीलंका की सरकार ने कहा है कि वह इस मामले की जांच करवाएगी।
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