सीरिया में उस विद्रोही ने अपने इस कदम को उचित ठहराने की कोशिश की है जिसमें उन्हें एक वीडियो में संभवत एक मृत सीरियाई सैनिक के अंगों को खाते हुए दिखाया गया है।
अमेरिकी पत्रिका टाइम को दिए इंटरव्यू में इस विद्रोही कमांडर ने माना है कि उन्होंने जो किया वो कठोर था लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ये सरकारी प्रताड़ना के खिलाफ प्रतिक्रिया थी।
उन्होंने कहा कि मृत सैनिक के फोन में एक बेटी और माँ के यौन शोषण की क्लिप थी। इंटरनेट पर डाले गए वीडियो में उनकी पहचान स्वतंत्र सूत्रों से अबु सक्कर के तौर पर हुई है। उन्होंने कहा है कि ये फुटेज सरकारी सैनिकों को चेतावनी है कि उनके गुट के नियंत्रण वाले इलाकों से दूर रहे हैं।
वीडियो में संभवत सीरियाई विद्रोही को एक मृत सैनिक का हृदय खाते हुए दिखाया गया है। हालांकि एक सर्जन ने टाइम पत्रिका को बताया है कि वो अंग दिल के बजाए फेफड़ा लग रहा है।
'शवों के साथ फोटो खिंचवाई'
इस वीडियो की व्यापक निंदा हो रही है। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने इस विद्रोही की पहचान अबु सक्कर के तौर पर की है जो होम्स शहर में एक विद्रोही गुट के नेता हैं। संगठन का कहना है कि उन्होंने युद्ध अपराध किया है।
सीरिया की विपक्षी गठबंधन ने कहा है कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। वीडियो की स्वतंत्र रूप से प्रमाणिकता साबित नहीं हो पाई है।इस वीडियो में सीरियाई राष्ट्रपति असदके लिए अपशब्द भी कहे गए हैं।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि अबु सक्कर के वीडियो पहले भी सामने आ चुके हैं जिसमें वो लेबनान के शिया इलाकों में रॉकेट दाग रहे हैं और वो क्लिक करें हिज्बुल्ला छापामारों के शवों के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं।
संगठन के अधिकारी पीटर बुएकाअर्ट का कहना है, "अबु सक्कर अहम कमांडर हैं। खतरा इस बात का है कि दोनों पक्षों के कट्टरपंथी लोग सोचने लगेंगे कि वे इसका जवाब दें।"
सीरिया पिछले दो साल से भी ज्यादा समय से गृह युद्ध से जूझ रहा है। सीरियाई विद्रोही राष्ट्रपति बशर अल असद को हटाने के लिए सशस्त्र संघर्ष कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2011 में राष्ट्रपति असद के खिलाफ विद्रोह शुरू होने के बाद से वहां अब तक 70 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।
वहीं ब्रिटेन स्थित संगठन सीरियन ऑब्जर्वेट्री फॉर ह्यूमन राइट्स मरने वालों की संख्या 80 हजार से ज्यादा बताता है।