फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीरियाः अल क़ायदा से जुड़े विद्रोही कमांडर की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
सीरिया में रविवार को अल-क़ायदा से जुड़े विद्रोहियों के एक बड़े कंमाडर की अलेप्पो में एक आत्मघाती हमले में मौत हो गई है। विपक्षी कार्यकर्ताओं के मुताबिक़ कमांडर अबु खालेद अल-सूरी के संगठन अहरार अल-शाम के ठिकाने पर हुए हमले में कई और लोग भी मारे गए हैं। माना जा रहा है कि इस हमले के पीछे एक और विद्रोही संगठन 'दि इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड द लेवांट' यानी आईएसआईएस का हाथ है।
विज्ञापन


आईएसआईएस की सीरिया में दूसरे विद्रोही संगठनों के साथ खूनी जंग चल रही है। जनवरी की शुरुआत से आईएसआईएस की दूसरे विद्रोही गुटों के साथ हिंसक झड़पें हुई हैं जिनमें दोनों पक्षों के सैकड़ों लड़ाके मारे गए हैं। अहरार अल-शाम एक चरमपंथी विद्रोही गुट है और सात संगठनों के शक्तिशाली इस्लामिक फ्रंट का घटक है।

विद्रोही सूत्रों के मुताबिक़ एक या दो हमलावर अलेप्पो में अहरार अल-शाम के मुख्यालय में घुस गए थे और उन्होंने इस हमले को अंजाम दिया। माना जाता है कि अल-सूरी सीरिया में अल-क़ायदा के सरगना आयमान अल जवाहिरी के ख़ास आदमी थे। ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद जवाहिरी ने अल-क़ायदा की कमान संभाली थी। उन्होंने कहा कि अल-सूरी की मौत आईएसआईएस और दूसरे विद्रोही गुटों के बीच संघर्ष के और तेज़ होने की संभावना है।
विज्ञापन

Trending Videos
विज्ञापन

कार बम हमला

माना जा रहा है कि अल-सूरी का असली नाम मोहम्मद बहैया था और वह लंबे समय से अल-क़ायदा से जुड़े थे। उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ लड़ाई में हिस्सा लिया था और वह लादेन के क़रीबी थे। रविवार को ही तुर्की सीमा पर एक अस्पताल में हुए कार बम हमले में कई लोग मारे गए थे।

विपक्षी कार्यकर्ताओं के मुताबिक़ धमाका विद्रोहियों के कब्जे वाले अतमेह शहर में हुआ। इस शहर में सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में विस्थापित हुए हज़ारों लोगों के शिविर हैं। हालांकि यह तुरंत साफ़ नहीं हो सका कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है।

संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक़ सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में 65 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और 25 लाख लोगों ने खुद को शरणार्थी के रूप में पंजीकृत कराया है।इनमें से सबसे ज़्यादा शरणार्थी लेबनॉन में रह रहे हैं। इसके बाद जॉर्डन और तुर्की का नंबर आता है जहां सबसे ज्यादा सीरियाई शरणार्थी रह रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें