सीरियाई विद्रोहियों के एक गुट का कहना है कि एलैप्पो प्रांत के पास हवाई हमले में घायल उनके सर्वोच्च कमांडर की मौत हो गई है।
लिवा अल-तौहीद नाम के समूह के प्रवक्ता ने अब्दुल कादिर अल सालेह की मौत की खबर समाचार एजेंसी एपी को दी है।
लिवा अल-तौहीद एलैप्पो में लड़ रहे अहम गुटों में से एक है और इसके लड़ाकों की संख्या आठ हजार से दस हजार के बीच बताई जाती है।
जब हवाई हमला हुआ तो साहेल लिवा अल-तौहीद के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात कर रहे थ। यूसुफ अल-अब्बास नामक नेता की हमले के वक्त ही मौत हो गई जबकि सालेह को इलाज के लिए पड़ोसी तुर्की ले जाया गया।
हालांकि शुक्रवार को उनकी तबीयत में बेहतरी बताई गई लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। सोमवार को उन्हें दफनाने के लिए सीरिया लाया गया और उनके गुट ने उनकी मौत की पुष्टि की।
लिवा अल-तौहीद के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक राजनीतिक नेता की जिम्मेदारी संभाल रहे अब्दुल अजीज सलामा ने गुट की पूरी जिम्मेदारी संभाल ली है।
सालेह लिवा अल-तौहीद के सर्वोच्च कमांडर थे जो एलैप्पो में लड़ रहे अहम गुटों में से एक है।
इस हमले के बाद लिवा अल-तौहीद ने सरकार के लिए जासूसी करने के आरोप में 30 लोगों को गिरफ़्तार किया है।
लिवा अल-तौहीद गुट को जुलाई 2012 में उत्तरी एलैप्पो के इलाक़ों में लड़ रहे समूहों को मिलाकर बनाया गया था। अपनी स्थापना के कुछ दिनों बाद ही उसने ऐलैप्पो शहर पर हमला किया और उसके कई जिलों को अपने नियंत्रण में लिया।
2012 के मध्य से एलैप्पो लगभग दो हिस्सों में बंटा है जिसमें एक पर सरकार का और दूसरे पर विपक्ष का नियंत्रण है।
हालांकि हाल के दिनों में सरकारी बलों ने शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के इलाके पर फिर से नियंत्रण कर लिया है। सरकारी सैनिकों ने सफरीना और ताल अरन जैसे इलाकों को भी विद्रोहियों से हासिल कर लिया है।
इस बीच, सीरियाई सरकार के वरिष्ठ सदस्य शांति सम्मेलन की योजना पर चर्चा करने के लिए रूस की राजधानी मॉस्को में हैं।
विदेश उप मंत्री फैसल मैकदाद एक शिष्टमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं और वो रूसी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।