बांग्लादेश में अज्ञात हमलावरों ने 65 वर्षीय मुस्लिम सूफी संत शाहिदुल्ला की गला रेतकर हत्या कर दी है। उनका शव बांग्लादेश के राजशाही शहर के टानोर उपजिला में आम के बगीचे से बरामद हुआ।
बांग्लादेश की राजशाही यूनिवर्सिटी के उदारवादी प्रोफेसर रजौल करीम की हत्या के दो सप्ताह बाद शाहिदुल्ला की हत्या सामने आई है। शाहिदुल्ला की हत्या भी प्रोफेसर की तरह ही की गई। शाहिदुल्ला दाहिने कंधे और गले पर जख्म मिला। करीम की हत्या की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली थी। राजशाही के पुलिस प्रमुख निशारुल आरिफ का कहना है कि शाहिदुल्ला की हत्या की वजह धार्मिक विचारधारा हो सकती है।
घटना के पीछे आतंकवादी शामिल हो सकते हैं। शाहिदुल्ला की हत्या को हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, बुद्धिजीवियों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों और विदेशियों की हत्याओं की कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। इनमें से ज्यादातर हत्याओं की जिम्मेदारी आईएस ने ली थी। हालांकि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आईएस के इन दावों को लगातार खारिज करती आ रही हैं। उनका कहना है कि विपक्षी दल इन हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं। टानोर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अब्दुर रज्जाक ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे शाहिदुल्ला का शव बरामद हुआ। उनके शव का पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया गया।