श्रीलंका की कैबिनेट ने चीन के साथ एक समझौते के तहत देश के दक्षिणी हिस्से में मौजूद हम्बनटोटा बंदरगाह के नियंत्रण और विकास के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस बंदरगाह से चीन अब व्यवसायिक काम तो कर सकेगा, लेकिन इसकी पूरी सुरक्षा पर नियंत्रण होगा श्रीलंका का। जानकारों का कहना है कि इससे चीनी सेना के इस बंदरगाह के इस्तेमाल की अटकलों पर रोक लग गई है।
समझौते के तहत व्यापार लगाने के लिए बंदरगाह के पास की जमीन चीन को देने का श्रीलंका में कड़ा विरोध हुआ था। इस परियोजना का समर्थन कर रहे लोगों का कहना था कि इससे श्रीलंका में विकास होगा जबकि आलोचकों और स्थानीय लोगों ने चीन के बढ़ते दखल को लेकर चिंता जताई थी।
मंगलवार को पारित हुए प्रस्ताव के बारे में सरकार ने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध के कारण सरकार समझौते की शर्तों में बदलाव कर रही है। फिलहाल इस नए समझौते की पूरी जानकारी साझा नहीं की गई है। कैबिनेट प्रवक्ता दयाश्री जयशेखर ने बताया है, "कैबिनेट ने प्रस्ताव पास कर दिया है और अब इसे संसद की मंजूरी चाहिए। हम इस सप्ताह इसे मंजूरी के लिए भेजेंगे।" चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।