इस बैठक से पहले बुधवार को ही अटार्नी जनरल जयंत जयसूर्या ने पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनाने के लिए विक्रमसिंघे को बर्खास्त करने के राष्ट्रपति के फैसले का समर्थन करने से इनकार कर दिया। अटार्नी जनरल ने बर्खास्तगी पर स्पीकर की तरफ से मांगी गई राय भी देने से इंकार कर दिया था और इसे अनुचित करार दिया था। कुछ राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे अटार्नी जनरल की तरफ से बर्खास्तगी को असंवैधानिक मानने का इशारा बताया था।