दक्षिण कोरिया की एक जासूसी एजेंसी ने बुधवार को कहा कि उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन की के दिल की शल्यक्रिया होने के कोई साक्ष्य नहीं हैं। समाचार एजेंसी ‘योनहाप’ ने दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी है। किम के करीब तीन हफ्ते तक मीडिया से गायब रहने के चलते उनके स्वास्थ्य को लेकर कई अटकलें लगाई गईं। बीते शनिवार वे सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए।
उत्तर कोरिया के अंदरूनी सूत्रों के साथ एक सियोल स्थित समाचार आउटलेट एनआईएल एनआईएल ने अप्रैल में किम के दिल की सर्जरी के बाद उबरने की बात कही थी। ‘योनहाप’ के मुताबिक, सियोल की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (एनआईएस) ने संसदीय खुफिया समिति के सदस्यों के साथ एक बैठक में कहा कि यह रिपोर्ट आधारहीन थी।
समिति के सदस्य किम ब्युंग-की ने कहा कि जब वह सार्वजनिक रूप से बाहर नहीं आ रहे थे तब भी वह सामान्य रूप से अपने काम निपटा रहे थे। हालांकि कानूनविद ने कहा कि किम जोंग उन पिछले साल के औसत 50 बार की तुलना में इस साल सिर्फ 17 बार सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दिए। इसका कारण उत्तर कोरिया में संभावित कोरोना वायरस प्रकोप बताया जा रहा है। यद्यपि उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
असामान्य नहीं था किम का गायब होना
कानूनविद ब्युंग-की ने कहा कि इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि उत्तर कोरिया में कोरोना वायरस का प्रकोप है। हालांकि कोरियाई अधिकारी इसे नकारते रहे हैं। उत्तर कोरियाई मामलों के जानकार और दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री किम येओन-चुल ने कहा है कि किम का सार्वजनिक रूप से गायब होना विशेष रूप से असामान्य नहीं था, क्योंकि देश एक प्रकोप से निपटने के लिए कड़े कदम उठा रहा था।