दक्षिण अफ्रीका ने अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत से अलग होने का फैसला लिया है। ऐसा सूडान के राष्ट्रपति उमर अल बशीर के पिछले साल के दौरे के बाद उपजे विवाद के चलते लिया गया है। दरअसल बशीर युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के आरोपों में न्यायाधीकरण में वांछित हैं।
विदेश मंत्री मायते कोआना माशाबाने के हस्ताक्षर वाले इंस्ट्रूमेंट ऑफ विड्रॉवल में कहा गया कि दक्षिण अफ्रीका, जिसने इस अदालत की स्थापना की है, उसे ऐसा लगता है कि विवादों के शांतिपूर्ण हल निकालने के इसके दायित्व वर्तमान में रोम स्ट्रच्यूट में अतंर्निहित दायित्वों की अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत द्वारा दी गई व्याख्या से असंगत है।
रोम स्ट्रच्यूट के तहत दक्षिण अफ्रीका आईसीसी में एक पक्ष है और उसका दायित्व है कि न्यायाधिकरण में वांछित किसी भी व्यक्ति को वह गिरफ्तार करे। बशीर पर ये आरोप पश्चिम सूडान के दाफुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हुए खून खराबे के बाद लगे थे। यह 2003 में शुरू हुआ था जब विद्रोहियों ने सरकार के खिलाफ हथियार उठा लिए थे। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक इस संघर्ष में 300000 की मौत हुई थी और 27 लाख लोगों को अपना घर छोड़ भागना पड़ा है।