हिंसाग्रस्त सीरिया में अलप्पो में घायल हुए एक पांच साल के एक बच्चे की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। एम्बुलेंस पर बैठे इस बच्चों को हवाई हमलों में तबाह हुई एक इमारत से सुरक्षित निकाला गया है। ओमरान दकनीश नाम के इस बच्चे के चेहरे पर खन टपकता साफ देखा जा सकता है। यह तस्वीर सीरिया में मानवता पर आए संकट को दर्शा रही है। इससे पहले भी कुछ तस्वीरों ने ऐसे ही मानवीय संकट को दुनिया के सामने रखा था, देखें ऐसी ही त्रासद तस्वीरें...
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वियतनाम युद्ध
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त्रासदी कहती तस्वीरें
वियतनाम युद्ध
अमेरिका और वियतनाम युद्ध के दौरान की यह तस्वीर सारी दुनिया में छा गई। नेपाम बम के बाद आग में बच्चे रोते-बिलखते हुए भाग रहे हैं। फोटो एजेंसी एपी के फोटोग्राफर निक एट ने यह तस्वीर ली थी। बाद में इस चर्चित तस्वीर के लिए निक को प्रतिष्ठित पुलित्जर अवॉर्ड मिला था।
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शरणार्थी संकट
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त्रासदी कहती तस्वीरें
शरणार्थी संकट
अशांत सीरिया से निकल कर ग्रीस में शरण लेने की कोशिश मासूम आयलान कुर्दी को जान देकर चुकानी पड़ी। ग्रीस जाते हुए नौका डूबने से अयलान कुर्दी मौत हुई। आयलान की तस्वीर के बाद सारी दुनिया का ध्यान सीरिया के शरणार्थी संकट पर गया।
कोसोवो रिफ्यूजी
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त्रासदी कहती तस्वीरें
कोसोवो रिफ्यूजी
यूरोप में कोसोवो के शरणार्थियों की यह तस्वीर भी मानवीय संकट की प्रतीक बनी। 1999 में हजारों लोग कोसोवो से अल्बानिया शरण ले रहे थे। तब इस बच्चों को कोसोवो से अल्बानिया उसके परिवार के पास पहुंचाया गया था।
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भोपाल गैस त्रासदी
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त्रासदी कहती तस्वीरें
भोपाल गैस त्रासदी
2 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड प्लांट से जहरीली गैस लीक हुई और इसमें 4 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई। मशहूर फोटोग्राफर रघु राय ने यह तस्वीर ली थी। एक बच्चे को दफनाया जा रहा था, ठीक पहले राय ने यह तस्वीर ली थी। बाद में यह तस्वीर भोपाल गैस त्रासदी का निशान बनकर चर्चित हुई।
डर के साए में मासूम
सीरिया में हिंसा किस कदर बच्चों के दिमाग में बस चुकी है, यह तस्वीर उसकी बानगी है। तुर्की के एक फोटोग्राफर ने रिफ्यूजी कैंप में इस बच्ची की तस्वीर खींचने के लिए जैसे ही कैमरा उस की ओऱ घुमाया तो वह इसे गन समझ बैठी और दोनों हाथ ऊपर कर सरेंडर कर दिया।