पूरी दुनिया का चक्कर लगाने निकले सौर ऊर्जा से उड़ने वाले विमान को ख़राब मौसम के कारण जापान में लैंड करना पड़ा है.प्रशांत
महासागर को छह दिन में पार करने के लिए चीन से उड़कर हवाई टापू तक जा रहा
सोलर इंपल्स विमान जापान सागर के ऊपर खराब मौसम से जूझ रहा था।सोलर इंपल्स का मकसद इस बात की जांच करना है कि कोई विमान सौर ऊर्जा की मदद से कितनी देर और कितनी दूर तक जा सकता है।इस
विमान के पंख जंबो जेट जैसे हैं जिनमें 17000 सोलर पैनल लगे हुए हैं। इसका
वजन के आम कार जितना है लेकिन इसकी स्पीड काफी कम रहती है।
और खराब होगा मौसम
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मौसम के आगे और बदतर होने के पूर्वानुमान है। इससे
पहले उन्होंने पायलट को सलाह दी थी कि वो आसमान में तब तक वहीं बने रहे
जहां है, जब तक सफर जारी रखने का फैसला नहीं लिया जाता है।मौसम विज्ञानियों की की टीम हालात पर फिर से विचार करने के लिए मिल रही है। नानजिंग से हवाई द्वीप का सफ़र इसकी यात्रा का सातवां चरण है।बताते चलें कि सोलर इम्पल्स का सफर मार्च में आबूधाबी से शुरु हुआ था, जिसके बाद भारत के अहमदाबाद और वाराणसी में भी इसकी लैण्डिंग हुई थी।