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छह महिला सैनिकों का कारनामा, टूट गया पुरुषों का वर्चस्व

Sun, 21 Jan 2018 05:24 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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ब्रिटेन की छह महिला सैनिकों ने अंटार्कटिका को पार कर इतिहास रच दिया। यह कारनामा करने वाली यह दुनिया की पहली महिला टीम है। टीम ने इस मिशन को पूरा करने के लिए 600 किलोमीटर का सफर तय किया। इसमें 64 दिन लगे। टीम ने थिएल पर्वत से अपना मिशन शुरू किया था और उस जगह रविवार सुबह दस बजे (ब्रिटेन के समयानुसार) पहुंचकर सफर खत्म किया। 
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ब्रिटेन सेना के आइस मेडेन अभियान ने महिला सैनिकों की यह टीम बनाई थी। इस टीम का नेतृत्व मेजर निक्स वेदरिल और मेजर नातालिया टेलर कर रही थीं। दोनों सैन्य अधिकारी रॉयल आर्मी की मेडिकल यूनिट का हिस्सा हैं। टीम की अन्य सदस्यों में मेजर सैंडी हेनिस, कैप्टन जेना बेकर, लेफ्टिनेंट जेनी स्टीफेंसन और सार्जेंट सोफी माउंटेन शामिल हैं। मेजर टेलर ने कहा कि अंतिम दिनों में वह सिर्फ खूबसूरत दृश्यों को अपनी आंखों में समेट रही थीं। दो महीने बाद घर लौटी हूं, लेकिन अंटार्कटिका बहुत याद आएगा।

रोज तय किया 43 किलोमीटर का सफर 
यह सफर काफी मुश्किल भरा रहा। -40 डिग्री सेल्सियस तापमान से लड़कर टीम ने रोज करीब 43 किलोमीटर का सफर तय किया। चुनौती सिर्फ इतनी नहीं थी। हर सैनिक ने करीब 80 किलोग्राम का वजन अपनी स्लेज पर लाद रखा था। 
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20 नवंबर को शुरू हुआ था सफर

मेजर निक्स के मुताबिक पिछले साल बीस नवंबर को रोज आईसेल्फ से यह सफर शुरू किया। कई मुश्किल पर्वत और लेवेरेट्ट ग्लेशियर को पार करते हुए वे एक हजार किलोमीटर क्षेत्र में फैले पूर्व अंटार्कटिका पहुंचीं। 

''मुझे टीम पर बेहद गर्व है। मुझे यकीन नहीं आ रहा कि हम इतने आगे निकल आए हैं। सफर के दौरान मिले हर अच्छे वक्त, बुरे वक्त और शानदार वक्त ने हम सब को बेहतर इंसान बनाया। मैं अपनी टीम के सभी पांच सदस्यों को इतनी अच्छी तरह से जान गई कि उनके पीछे चलते हुए भी मैं जान जाती थी कि वे रो रहीं हैं या हंस रही हैं। जबकि सामने से देखने पर भी उन्हें पहचानना संभव नहीं था क्योंकि उनका पूरा चेहरा हुड, चश्मे और मास्क से ढंका रहता था।'' -मेजर, निक्स, वेदरिल
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