भारत-अमेरिकी संबंधों में कॉमकासा पर हस्ताक्षर एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए अमेरिका के एक संगठन ने कहा है कि इससे दोनों देशों की सेना के बीच तथा अन्य सेनाओं के साथ भी ‘‘अंतरसक्रियता’’ बढ़ेगी।
भारत और अमेरिका ने बृहस्पतिवार को कम्युनिकेशन कंपेटिबिलिटी ऐंड सिक्युरिटी अग्रीमेंट (कॉमकासा) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के बाद भारत के रक्षा बलों को अमेरिका से सेना के इस्तेमाल करने योग्य संचार उपकरण मिल सकेंगे और कूट रूप से सुरक्षित रियल टाइम सूचना भी प्राप्त हो सकेगी।
अगले दस वर्षों के लिए किया गया यह समझौता तत्काल प्रभाव में आ गया है। यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के मुकेश अघी ने कहा, ‘‘ कॉमकासा समझौता भारत तथा अमेरिका के संबंधों में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।
इससे भारत तथा अमेरिका की सेनाओं के बीच तथा अन्य सेनाओं के साथ भी अंतरसक्रियता संभव हो पाएगी। उद्योग ने लगभग एक दशक तक कॉमकासा के लिए दबाव बनाया था क्योंकि इससे भारत को अतिरिक्त रक्षा बिक्री भी संभव हो सकेगी।’’
अपने वक्तव्य में यूएसआईएसपीएफ ने संबंधों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के लिए उन्हें बधाई भी दी। साथ ही अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस को इस समझौते को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उनके प्रयासों की सराहना भी की।