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औरत को देखकर भाग रहा था रूसी जासूस, कुछ यूं मिली गद्दारी की सजा

Wed, 07 Mar 2018 04:35 PM IST
बीबीसी, हिन्दी
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bbc - फोटो : bbc
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'शॉपिंग सेंटर के पास एक बेंच पर वो अजीब हरकत कर रहे थे। आदमी ने अपने हाथ आसमान की तरफ हाथ किए हुए थे।' 'औरत को देखकर लग रहा था कि वो मर चुकी है। मुझे लगा कि मदद के लिए जाना चाहिए लेकिन...' ब्रिटेन के सेल्सबरी में शॉपिंग सेंटर के पास ऐसी अजीब हरकत करने वाला शख्स कोई आम इंसान नहीं है।
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ये 66 साल के सर्गेई स्क्रिपल थे। जो कभी रूसी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस में कर्नल थे। एक ऐसा पद जिसपर सेना में भर्ती हुए नए जवान पहुंचने का ख्वाब देखते थे। लेकिन एक रूसी एजेंट होने के बाद सर्गेई स्क्रिपल जिस बात के लिए चर्चा में आए, वो जासूसी और गद्दारी से जुड़ी थी। सर्गेई स्क्रिपल को साल 2006 में ब्रिटेन के लिए जासूसी करने के आरोप में 13 साल की सजा सुनाई गई थी। साल 2010 में स्क्रिपल को 'जासूसों की अदला-बदली' के तहत ब्रिटेन में शरण मिली थी।

अब चर्चा में क्यों सर्गेई स्क्रिपल?

33 साल की एक महिला के साथ सर्गेई स्क्रिपल जिस शॉपिंग सेंटर के पास अजीब हरकतें करते हुए अचेत हालत में पाए गए हैं। वहां मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों से मिली जानकारी के बाद इस बात की भी आशंका है कि कहीं इन लोगों को जहर तो नहीं दिया गया। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों किसी अज्ञात पदार्थ के संपर्क में आने से गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। ये घटना रविवार की है। दोनों के शरीर पर किसी तरह के जख्म का कोई निशान नहीं है। दोनों की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।
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पुलिस ने सावधानी बरतते हुए जिज्जी रेस्त्रां को बंद करवा दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि दोनों की इस हालत के लिए कौन जिम्मेदार है। सर्गेई स्क्रिपल रूसी मिलिट्री के रिटायर्ड अफसर थे, तब 2006 में उनको जासूसी करने के लिए जेल भेजा गया। सर्गेई स्क्रिपल को ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई-16 को रूस के यूरोप में मौजूद खुफिया एजेंट्स की जानकारी मुहैया कराने का दोषी माना गया था।

रूस ने दावा किया था कि एमआई-16 ने सर्गेई स्क्रिपल को इस जासूसी के बदले एक लाख डॉलर रुपये चुकाए थे। ये जानकारी सर्गेई साल 1990 से एमआई-16 को पहुंचा रहे थे। ऐसे में सवाल ये है कि सर्गेई जेल से बाहर कैसे आए? दरअसल, साल 2010 में रूस और अमरीका के बीच चार जासूसों की अदला-बदली हुई थी। सर्गेई इन चार जासूसों में शामिल थे। इसके बदले एफबीआई ने भी 10 रूसी जासूसों को रिहा किया था। माना जाता है कि इस बदली के कुछ वक्त बाद सर्गेई अमरीका से ब्रिटेन आ गए थे।
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