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म्यांमार: रोहिंग्या विद्रोहियों ने किया एकतरफा संघर्ष विराम का ऐलान

Sun, 10 Sep 2017 10:53 AM IST
बीबीसी, हिंदी
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Rohingya Muslims
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म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिम विद्रोहियों ने आज से एकतरफ़ा संघर्ष विराम का ऐलान किया है। म्यांमार के पश्चिम में जारी मानवीय संकट को कम करने की दिशा में ये उठाया गया एक कदम है। म्यांमार के सुरक्षा बलों पर आराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी के हमले के बाद दो हफ्तों से म्यांमार की सेना ने सशस्त्र अभियान चलाया हुआ है जिसके कारण करीब तीन लाख रोहिंग्या मुस्लिमों ने भागकर बांग्लादेश में शरण ली है।
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रोहिंग्या विद्रोहियों ने म्यांमार की सेना से भी संघर्ष विराम मानने की अपील की है और मानवीय सहायता संगठनों से मदद का काम दोबारा शुरू करने की अपील की है। म्यांमार की सरकार के एक मंत्री ने बीबीसी को बताया कि कई रोहिंग्या मुस्लिम जो बांग्लादेश भाग गए हैं उन्हें वापस नहीं आने दिया जाएगा।

शरणार्थियों के लिए मदद की जरूरत
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सहायता समूहों को म्यांमार से भागे रोहिंग्या मुस्लिमों की मदद के लिए सात करोड़ 70 लाख डॉलर की तत्काल जरूरत है। बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार पहुंच रहे शरणार्थियों के लिए खाना, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं की सख्त जरूरत है।
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म्यांमार के अल्पसंख्यक समुदाय रोहिंग्या मुस्लिमों का कहना है कि म्यांमार की सेना और रखाइन बौद्ध उनके गांवों को जला रहे हैं। म्यांमार की सरकार इस आरोप को ख़ारिज करती है और कहती है कि सेना रोहिंग्या आतंकियों से लड़ रही है। म्यांमार की सरकार की तरफ़ से अभी युद्धविराम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बांग्लादेश की सीमा पर जमीनी सुरंगें लगाने का आरोप
शनिवार को एमनेस्ट इंटरनेश्नल समूह ने म्यांमार की सेना पर बांग्लादेश की सीमा पर जमीनी सुरंगें लगाने का आरोप लगाया। बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल और सीमाई गांवों के लोगों ने भी बीबीसी को बताया कि सीमा पर म्यांमार के 100 से ज्यादा सैनिकों को संभवत: जमीनी सुरंगे लगाते देखा गया है।

म्यांमार की सेना ने कहा कि हाल में कोई ज़मीनी सुरंग नहीं लगाई गईं। रोहिंग्या संकट को लेकर म्यांमार की नेता आंग सान सू की की चुप्पी की आलोचना हो रही है।
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