साउथ अफ्रीका के डरबन में भारत के महावाणिज्य दूत शशांक विक्रम के साथ उनके अधिकारिक घर पर लूटपाट हुई है। घटना के बाद भारत ने यह मुद्दा स्थानीय प्रशासन के सामने उठाया है।
शशांक के साथ घटना के बाद वक्त घर में उनका 5 साल का बेटा, घरेलू स्टाफ और एक टीचर मौजूद थे। बदमाशों ने इन सभी को बंदूक की नोक पर बंधक बनाया हुआ था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा हमने संबंधित अधिकारियों से बात की है और मामले की जांच हो रही है। हमें उम्मीद है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शशांक विक्रम को फोन कर उनसे बात की और उनके परिवार का हालचाल जाना।
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जानकारी के मुताबिक लुटेरे हथियारों से लेस थे। लुटेरे शशांक के घर का मैन गेट तोड़कर घुसे थे। घर में दाखिल होने से पहले उन्होने वहां तैनात एक गार्ड को घायल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने शशांक के 5 साल के बेटे को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया और फिर उनसे कैश और सोने की मांग की।
हालांकि इस वारदात में किसी को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। सभी पूरी तरफ से सुरक्षित हैं। हालांकि घर में काम करने वाले नौकर का फोन जरूर इस घटना में चोरी हुआ है। माना जा रहा है कि इसके जरिए वारदात को अंजाम देने वालों तक पुलिस को पहुंचने में मदद मिलेगी।