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पैगंबर मोहम्मद के कार्टून का जवाब कार्टून से

Wed, 26 Sep 2012 03:12 PM IST
काहिरा/बीबीसी
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मिस्र के एक अखबार ने फ्रांस की पत्रिका चार्ली हेब्दो में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे जाने के खिलाफ एक मुहिम छेड़ी है जिसमें कार्टूनों का ही सहारा लिया जा रहा है। 'अल वतन' नाम के एक अखबार ने सोमवार को 13 कार्टून प्रकाशित किए जिन्हें शीर्षक दिया गया, 'कार्टूनों के खिलाफ कार्टूनों से लड़िए।'
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इस अखबार में प्रकाशित एक कार्टून में एक चश्मे में जलते हुए वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को दिखाया गया है और उसके नीचे लिखा है, 'इस्लामी दुनिया के लिए पश्चिम का चश्मा।' अमरीका में बनी एक इस्लाम विरोधी फिल्म पर दुनिया भर में हुए उग्र प्रदर्शनों के बीच फ्रांसीसी पत्रिका ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशित किए। इस्लाम विरोधी फिल्म ‘इंनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान 50 लोग मारे गए।

'सभ्य प्रतिक्रिया'
चार्ली हेब्दो में प्रकाशित कार्टूनों के विरोध में शुक्रवार को काहिरा में फ्रांसीसी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए, हालांकि ज्यादातर मुस्लिम देशों में लोगों का गुस्सा इस्लाम विरोधी फिल्म को लेकर ही ज्यादा है। अल वतन ने अपने खास कार्टूनों के साथ कुछ जाने-माने धर्मनिरपेक्ष लेखकों के लेख भी छापे हैं जिनमें कारनेगी मध्य पूर्व केंद्र के पूर्व शोध निदेशक अम्र हमजावी और मिस्र के महत्वपूर्ण इस्लामी विद्वान और उपदेशक भी शमिल हैं। मिस्र के ग्रांड मुफ्ती अली गोमा का लेख भी अल वतन में है।
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अखबार में छपे एक कार्टून में एक श्वेत व्यक्ति दाढ़ी वाले एक नाराज व्यक्ति पर आतंकवादी होने का आरोप लगा रहा है लेकिन जब उसे पता चलता है कि वो इसराइल से है तो वो उसे फूल देता है। एक अन्य कार्टून में दो अरब व्यक्ति दिखाए हैं। इनमें से एक जैकेट और टोपी पहने हुए और उसकी दाढ़ी भी छोटी है जबकि दूसरे व्यक्ति के सिर पर पगड़ी है और उसकी लंबी दाढ़ी के बीच लंबे दांत दिखाए गए हैं। इस व्यक्ति ने हाथ में खून से सना चाकू भी ले रखा है।

अल वतन अखबार इस्लामी संगठन मस्लिम ब्रदरहुड का आलोचक माना जाता है जिसके सदस्य मोहम्मद मुर्सी इस समय देश के राष्ट्रपति हैं। अल वतन के पाठकों ने इन कार्टूनों का समर्थन किया है। अखबार की वेबसाइट पर कुछ पाठकों ने लिखा है कि 'विचारों का विचारों के जरिए विरोध करना' इस पूरे मामले पर एक 'सभ्य प्रतिक्रिया' है।
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