श्रीलंका में तमिल समुदाय के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन तमिल नेशनल एलायंस (टीएनए) ने शनिवार को कहा कि वह नवनियुक्त प्रधानमंत्री महिंद्रा राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। टीएनए का यह बयान देश में बन गए राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए निलंबित संसद का सत्र बुलाकर मतदान कराने के लिए राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना पर बढ़ते जा रहे दबाव के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। टीएनए ने शनिवार को एक बयान में कहा कि राजपक्षे की नियुक्ति से संविधान के 19वें संशोधन का उल्लंघन हुआ है।
एलायंस ने राजपक्षे के खिलाफ आने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्णय लिया है। हालांकि पूर्वी राज्य से आने वाले टीएनए के एक सांसद एस. वेलिनथिरियान ने राजपक्षे को समर्थन देने की घोषणा की है। रानिल विक्रमसिंघे की बर्खास्त सरकार में उप मंत्री रहे वेलिनथिरियान के अलावा टीएनए के 16 में से 3 अन्य सांसद भी राजपक्षे के खेमे से जुड़ने की चर्चा जोरों पर है। इस समय 225 सदस्यों वाली संसद में विक्रमसिंघे की पार्टी के 103 और राजपक्षे के 100 सांसद हैं।
शेष बचे 22 सांसदों में सबसे ज्यादा 16 सांसद टीएनए के ही होने के कारण उसका अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन करना बेहद अहम है। विक्रमसिंघे की यूनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) ने कहा था कि वह राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। हालांकि यूएनपी की तरफ से उठाई गई संसद में फ्लोर टेस्ट की मांग को राष्ट्रपति सिरिसेना ने नजरअंदाज कर दिया है। सिरिसेना के 16 नवंबर को संसद का निलंबन खत्म कर देने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन उनकी तरफ से इस बारे में कई विरोधाभासी बयान जारी किए गए हैं।
राजपक्षे कर रहे पूर्ण बहुमत का दावा
पूर्व राष्ट्रपति रह चुके महिंद्रा राजपक्षे का दावा है कि उनके पास अपना बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त संख्या में समर्थन मौजूद है और 26 अक्तूबर को बर्खास्त किए गए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के भी कम से कम 6 आदमी उनके पक्ष में आ चुके हैं। माना जा रहा है कि राजपक्षे को दूसरी पार्टियों के सांसदों को अपने पक्ष में तोड़कर बहुमत के लिए आवश्यक 113 सांसदों की संख्या जुटाने का मौका देने के लिए ही राष्ट्रपति ने संसद को निलंबित किया है।
समर्थन देने के बदले 28 लाख डॉलर मिलने का लालच
कई सांसदों ने राजपक्षे की पार्टी से समर्थन के बदले बड़ी रकम का लालच मिलने की बात कही है। विक्रमसिंघे की पार्टी यूएनपी के सांसद पी. रंगे बंडारा ने कहा कि उन्हें 28 लाख डॉलर देने और कैबिनेट मंत्री बनाने का लालच राजपक्षे के पक्ष में मतदान के लिए दिया गया है। उन्होंने मीडिया के सामने इसकी वॉयस रिकॉर्डिंग भी अपने पास होने का दावा किया, जिसे वे जल्द पेश करेंगे।
बर्खास्त पीएम बोले, बह सकती हैं खून की नदियां
श्रीलंका के बर्खास्त पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने देश में सांविधानिक मूल्यों की रक्षा नहीं होने पर खूनी संघर्ष की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि संसद आने वाले दिनों में सांविधानिक संकट को खत्म नहीं करती है तो देश को खूनी संघर्ष झेलने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि देश में खून की नदियां भी बह सकती हैं। बर्खास्त पीएम ने राष्ट्रपति के आदेश को असंवैधानिक बताते हुए पद से हटने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ निराश और गुस्से से भरे हुए लोग हिंद महासागर के क्षेत्र में उपद्रव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के संसद भंग करने के बाद सत्ता संघर्ष में अब तक एक की गोली लगने से मौत हो चुकी है। विक्रमसिंघे ने कहा कि मैं अपने समर्थकों से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और हिंसक विद्रोह का रास्ता न अपनाएं। हालांकि, परिस्थितियां अगर बिगड़ीं तो समर्थकों का धैर्य टूट भी सकता है। पद से बर्खास्त किए जाने के बावजूद विक्रमसिंघे प्रधानमंत्री आवास ‘टेंपल ट्री रेसिडेंस’ में ही रह रहे हैं और उनके घर के बाहर हजारों की संख्या में समर्थक जुटे हैं।