श्रीलंका के अपदस्थ प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे
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श्रीलंका के अपदस्थ प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के गठबंधन को शुक्रवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। श्रीलंकाई संसद की शक्तिशाली समिति पर विक्रमसिंघे के गठबंधन ने जीत हासिल की है।
संसद का कामकाज चलाने के लिए इस समिति का गठन किया गया है, जिस पर बर्खास्त प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे के गठबंधन का नियंत्रण हो गया। यह राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना और उनके द्वारा नियुक्त प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
संसद की इस समिति पर विक्रमसिंघे के गठबंधन का कब्जा होने के बाद राष्ट्रपति सिरिसेना की पार्टी के सदस्यों ने संसद से वॉक आउट किया। संसद के स्पीकर कारू जयसूर्या ने विक्रमसिंघे के गठबंधन यूनाइटेड नेशनल फ्रंट (यूएनएफ) के पांच सदस्यों को इस शक्तिशाली समिति का सदस्य नियुक्त किया। इसके अलावा तमिल नेशनल अलायंस (टीएनए) और जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) के एक-एक सदस्य को समिति सदस्य नियुक्त किया।
बताते चलें कि पिछले महीने 26 अक्तूबर को राष्ट्रपति सिरिसेना ने विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री के पद से बर्खास्त कर राजपक्षे को देश का नया पीएम नियुक्त किया था। इसके बाद से ही श्रीलंका में राजनीतिक उठापटक जारी है। विक्रमसिंघे और राजपक्षे दोनों प्रधानमंत्री होने का दावा करते हैं। विक्रमसिंघे का कहना है कि उनकी बर्खास्तगी अवैध है और संसद में उसे बहुमत हासिल है।