ऑस्ट्रेलिया की संसद के भीतर एक सांसद द्वारा अपनी बेटी को स्तनपान कराते हुए अपनी सेल्फी को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के बाद इन दिनों किर्गिस्तान के राष्ट्रपति की बेटी का स्तनपान कराते हुए फोटो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राष्ट्रपति अलमाज्ब्येक आतमबायेव की छोटी बेटी अलिया शागिएवा ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त आलोचना के बाद तस्वीर को हटा लिया है लेकिन मुस्लिम बहुल किर्गिस्तान के कट्टरपंथी इसे लेकर अब भी काफी नाराज हैं।
अलिया शागिएवा अपने रूसी मूल के शाकाहारी पति से शादी के सिर्फ छह माह बाद हुए बच्चे को स्तनपान कराते वक्त शरीर पर केवल अधोवस्त्र में दिखाई दे रही हैं। किर्गिस्तान पहले सोवियत संघ का हिस्सा रह चुका है लेकिन अब यह अलग देश है और रूस के साथ उसके सामाजिक संबंध जारी हैं।
इस तस्वीर पर मुस्लिम कट्टरपंथियों ने अलिया पर अनैतिक व्यवहार का आरोप लगाया क्योंकि बच्चे को स्तनपान कराते वक्त वह लगभग पूरी तरह निर्वस्त्र नजर आ रही हैं। किर्गिस्तान के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी ने भी इस तस्वीर के लिए बेटी की काफी आलोचना की है।
बीबीसी को एक साक्षात्कार में अलिया ने कहा कि - ‘यह बहस उस संस्कृति का हिस्सा थी जिसमें औरत के शरीर को कामुकता से जोड़ा जाता है।’ अप्रैल में सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई इस तस्वीर में अलिया ने लिखा है कि - ‘मेरे बच्चे को भूख लगने पर मैं कहीं भी उसे दूध पिलाती हूं।’
अलिया ने कहा कि - ‘मुझे ईश्वर ने जो शरीर दिया है वह अश्लील नहीं, बल्कि सुंदर है और यह मेरे बेटे की सभी जरूरतों को पूरा करने योग्य है। इसे कामुकता के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि स्तनपान कराते वक्त मुझे लगता है कि मैं अपने बेटे को सबसे बेहतर चीज दे रही हूं, इसलिए मेरे लिए लोग क्या कहते हैं यह कोई मायने नहीं रखता है।
अलिया की तस्वीर को यूरोप समेत पूरी दुनिया में देखा गया है। यूरोप में इंडिपेंडेंट समेत कई अखबारों ने उनकी तस्वीर को प्रमुखता से छापा है।