प्रचंड ने सरकार बनाने के फैसले पर लिया यूटर्न
एकीकृत नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी माओवादी के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड ने खुद के नेतृत्व में सरकार गठन करने की अपील से 24 घंटे के भीतर ही यू-टर्न ले लिया है। एमाओवादी ने फिलहाल के लिए सरकार को दिए अपने समर्थन को वापस न लेने की घोषणा की है। इससे ओली सरकार पर बना संकट फिलहाल के लिए टल गया है।
प्रचंड ने बृहस्पतिवार को कार्ल मार्क्स की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि कांग्रेस के एमाओवादी को राष्ट्रीय सरकार का नेतृत्व करने के लिए आग्रह करने के बाद भी कई पार्टियां इसके लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में सरकार बनाना उचित नहीं है । प्रचंड ने कहा कि फिलहाल मौजूदा सरकार का ही वह समर्थन करेंगे। सूत्रों की मानें तो नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के साथ स्थानीय चुनाव तक माओवादी अपना समर्थन बनाए रखेंगे। बुधवार रात को इस संबंध में मौखिक समझौता हुआ।
नेपाल की घटनाओं पर भारत की सतर्क नजर
भारत ने बृहस्पतिवार को कहा है कि वह नेपाल में बदल रहे हालात पर नजर रखे हुए है। माओवादियों के ओली सरकार से समर्थन वापस लेने के एलान के बाद से तेजी से बदल रहे घटनाक्रम पर भारत करीब से नजर रख रहा है। यह कहना है भारतीय विदेश मंत्रालय का। मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, ‘यह नेपाल की अंदरूनी राजनीति गतिविधियों का मामला है। इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। मगर, एक पड़ोसी होने के नाते भारत नेपाल में हो रही गतिविधियों पर करीब से निगाह रख रहा है।’