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जकार्ता में पीएम मोदी ने की पतंगबाजी, भारत-इंडोनेशिया ने रक्षा समेत 15 एमओयू पर किए हस्ताक्षर

Wed, 30 May 2018 01:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की यात्रा पर हैं। अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री इंडोनेशिया पहुंचे हैं।यहां पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया की संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया और भारत की संस्कृति का नाता हजारों साल पुराना है। दोनों देशों के बीच प्राचीन समय से सांस्कृतिक संबंध कायम हैं। हम दोनों देश एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

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पीएम मोदी ने हाल ही में आतंकी हमलों में मारे गए इंडोनेशियाई लोगों के प्रति गहरा दुख भी जताया। उन्होंने आतंक की लड़ाई में इंडोनेशिया को पूरा सहयोग देने का वादा किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल (SAGAR) और एक्ट ईस्ट पॉलिसी का भी जिक्र किया। बता दें कि एक्ट ईस्ट पॉलिसी मकसद एशियाई देशों के साथ संबंधों को प्रमुखता देना है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच व्यापार को साल 2025 तक 50 अरब डॉलर तक ले जाने के लिए प्रयास दोगुने प्रयास करने का संकल्प लिया। 

लाइव अपडेट्स ः

भारत-इंडोनेशिया के बीच रक्षा, विज्ञान और तकनीकी सहयोग सहित 15 समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

- पीएम मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने पतंग उड़ाई। 

- भारत-इंडोनेशिया ने रक्षा तथा रेल समेत 15 MoUs पर हस्ताक्षर किए

- पीएम मोदी ने भारत की ओर से रमजान के लिए इंडोनेशिया वासियों को शुभकामनाएं दी। 

इससे पहले, पीएम मोदी ने  इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको वीडोडो के साथ मर्डेका पैलेस में मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच समुद्र, व्यापार और निवेश सहित विभिन्न मुद्दों पर द्विपक्षीय सहयोग के संबंध में चर्चा की।इसके साथ ही दोनों नेता इंडोनेशियाई चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड द इंडस्ट्री द्वारा आयोजित सीईओ बिजनेस फोरम और कंफडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री जैसे कार्यक्रमों में भी एक साथ शिरकत करेंगे।
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जकार्ता पहुंचने पर मोदी का औपचारिक स्वागत हुआ। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भारत और इंडोनेशिया समुद्री पड़ोसी देश हैं। दोनों देशों की सभ्यताएं गहराई से एक-दूसरे से जुड़ी हैं। इस यात्रा से हम अपने राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाएंगे। यहां वह आज भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे।

   





उल्लेखनीय है कि इंडोनेशिया के बाद पीएम मोदी मलयेशिया और सिंगापुर के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया की यह पहली आधिकारिक यात्रा है। मोदी के इन दो देशों के दौरे का मकसद एक तरफ चीन पर लगाम कसना है, वहीं इससे भारत को कारोबार और रक्षा के क्षेत्र में काफी मदद भी मिलेगी।
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यह है एक्ट ईस्ट नीति :

एक्ट ईस्ट नीति, 1991 में भारत सरकार द्वारा जारी लुक ईस्ट नीति का परिवर्तित रूप है। लुक ईस्ट नीति का मतलब पूर्वी देशों के साथ सांस्कृतिक संपर्क और दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बढ़ाना और सुरक्षा को देखना था। हालांकि बदलती दुनिया में पूर्व और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से बेहतर संबंध बनाने के लिए हम एक्ट ईस्ट नीति पर आ गए हैं। साल 2015 में ही सिंगापुर से एक्ट ईस्ट नीति की घोषणा हुई थी।

इंडोनेशिया दौरे की अहमियत :
- चीन के मैरीटाइम सिल्क रूट के जवाब में ट्रेड-डिफेंस गलियारा बनाने के लिए समझौते पर जोर
- अंडमान-निकोबार के पास चीन के हो रहे जमाव को रोकने के लिए इंडोनेशिया का साथ जरूरी
- इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक गठजोड़ कर चीन से कूटनीतिक सौदेबाजी के वक्त मजबूत स्थिति में होगा भारत

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