चार देशों की यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेश रवाना हो गए हैं। अपने इस विदेश दौरे में वह जर्मनी, स्पेन, रूस और फ्रांस गए। अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव फ्रांस से रवाना होने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘मेरी यात्रा के दौरान शानदार मेजबानी के लिए फ्रांस सरकार और फ्रांसीसी जनता का आभार। यह एक महत्वपूर्ण यात्रा थी।’
भारत और फ्रांस आतंकवाद से पैदा खतरों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। शनिवार को फ्रांस के नवनियुक्त राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खतरे को परास्त करने के लिए दुनिया को एक होने की जरूरत है। मैक्रों ने भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को हरसंभव समर्थन देने का एलान किया। इससे पहले, फ्रांसीसी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एलिसी पैलेस में हुई मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय तथा परस्पर हितों के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों देशों ने रणनीतिक संबंधों, आतंकवाद की रोकथाम और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर रिश्तों को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
एक साझा प्रेस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने दुनिया भर में आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। पीएम मोदी ने कहा, ‘आज आतंकवाद के रूप में विश्व सबसे बड़े खतरों में से एक का सामना कर रहा है। फ्रांस भी इस खतरे को भलीभांति समझता है। आतंकवाद सामने नजर आता है और भारत व फ्रांस समेत इसका प्रभाव समूची दुनिया पर पड़ता है।’
वहीं फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि पीएम मोदी के साथ आतंकवाद से निपटने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को फ्रांस हरसंभव समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि दोनों देश आतंकवाद के सभी स्वरूपों से लड़ने पर सहमत हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध काफी गहरे हैं। दोनों देश द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रूप से लंबे समय से एक-दूसरे के साथ काम करते आ रहे हैं। चाहे वह व्यापार हो या तकनीक, इनोवेशन एवं निवेश हो या ऊर्जा, शिक्षा हो या उद्यम। हम सभी क्षेत्रों में भारत-फ्रांस संबंधों को और बढ़ावा देना चाहते हैं। मोदी ने कहा कि कई भारतीय सैनिकों ने विश्व शांति के लिए दो विश्व युद्धों में हिस्सा लिया।
मैक्रों ने भी विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की आजादी के लिए भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद किया। मोदी ने मैक्रों को भारत की यात्रा के लिए भी आमंत्रित किया है। इससे पहले, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने दोनों नेताओं की मुलाकात की कुछ तस्वीरों को ट्वीट किया। इनके ऊपर लिखा था, ‘नई गर्मजोशी और मित्रता की प्रतीक वाली एक मुलाकात।’