प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं। वह रवांडा के बाद अब युगांडा में हैं। पीएम मोदी युगांडा के कंपाला में भारत-युगांडा बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि युगांडा के राष्ट्रपति कह रहे हैं कि भारत और युगांडा के बीच व्यापार में असंतुलन है। उन्होंने कहा कि मैं इसी को हल करने के लिए यहां आया हूं।
उन्होंने कहा कि भारत एक नीति संचालित शासन है। जहां टैक्स स्थिरता और अनुमानित कराधान है। यही कारण हैं कि भारत में किसी भी देश के लिए निवेश करना आसान है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले अफ्रीकी देश रवांडा के दो दिन के दौरे पर थे। दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को भारत-रवांडा के रिश्तों पर भारतीय समुदाय के सकारात्मक प्रभाव की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के हर हिस्से में भारतीय समुदाय अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि इससे वे अपने देशवासियों को गौरवांवित भी कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि इतिहास गवाह है कि जब अफ्रीका संघर्ष काल से गुजर रहा था तब कोई देश युगांडा के साथ नहीं था लेकिन हम तब भी युगांडा के साथ थे। उन्होंने कहा क्योंकि उस समय युगांडा से जुड़ने का मतलब था देना ही देना। लेकिन युगांडा के दुखों के दिनों में भी भारत उसके साथ खड़ा था।
पीएम मोदी ने एक कहानी सुनाई हुए कहा कि जब मैं छोटा था तो एक चुटकुला सुना करता था, कि एक बस स्टॉप पर गरीब लड़का पंखा बेच रहा था। वह एक रुपये का पंखा दे रहा था। दूसरे लड़के ने उसके दाम 8 आने बताए। वहीं तीसरे ने 4 आने में पंखा ले लिया। उन्होंने कहा कि पंखा 3-4 बार हिलने में ही टूट गया। इसके बाद उसने पंखे वाले को पड़का और बताया कि पंखा टूट गया है। पंखे वाले ने जवाब दिया कि मैंने पंखा हिलाने को थोड़ी बोला था, पंखा नहीं मुंडी हिलानी थी।
उन्होंने कहा कि इसी तरह हो सकता है कि शुरू में चीजें महंगी हो लेकिन लंबे समय तक चलेंगी। इस कहानी से उन्होंने भारतीय मशीनों की काफी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अब आपको तय करना है कि पंखा हिलाना है या मुंडी हिलानी है। पीएम ने कहा कि युगांडा के पास हजारों एकड़ ऐसी भूमि है जहां कोई कैमिकल की बूंद तक नहीं गिरी है। वहां पर पैदा होने वाली चीज के लिए दुनिया पागल हो सकती है। लेकिन हम चाहते हैं कि युगांडा आगे बढ़े और दुनिया स्वस्थ हो।