36 घंटे की रूस यात्रा के पहले बुधवार को दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी 2001 की रूस यात्रा को याद करते हुए ट्विटर पर तस्वीरें साझा की। प्रधानमंत्री ने 20वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत पूरी करने के बाद ये तस्वीरें साझा की। गुरुवार को वह मुख्य अतिथि के रूप में ईस्टर्न इकनॉमिक फोरम में शामिल होंगे।
पीएम मोदी ने तस्वीरों के साथ लिखा कि आज 20वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए मेरा मन नवंबर 2001 में आयोजित भारत-रूस शिखर सम्मेलन में चला गया जब अटल जी प्रधानमंत्री थे। उस समय मुझे गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
प्रधानमंत्री ने जो तस्वीरें साझा की है उनमें से एक में वो अटल बिहारी वाजपेयी के पास बैठकर किसी दस्तावेज पर दस्तखत करते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में वह तत्कालीन रक्षा मंत्री जसवंत सिंह के साथ खड़े हैं।
अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने मुझे ऐसा महसूस नहीं कराया कि मेरा कम महत्व है या मैं एक छोटे से राज्य से हूं या नया हूं। उन्होंने मेरे साथ दोस्त की तरह व्यवहार किया। इससे दोस्ती के दरवाजे खुले।
इससे पहले मोदी ने कहा कि मुझे राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात का पहला अवसर 2001 में मिला था। मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मॉस्को आया था। मैं एक राज्य का मुख्यमंत्री था और वह हमारी पहली मुलाकात थी।
मोदी ने कहा कि हमने न केवल अपने राज्यों से जुड़े विषयों पर बात की, बल्कि कई मुद्दों पर, हमारी रुचियों पर और वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई। हमने खुलकर साझेदारों की तरह बात की। पुतिन बात करने के लिहाज से बड़े दिलचस्प व्यक्ति हैं और मैं मानता हूं कि हमारी बहुत ज्ञानवर्धक बातचीत हुई।
बता दें कि मोदी बुधवार को रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। हम छह महीने से इस फोरम के लिए तैयारी कर रहे हैं।