फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आसियान समिट: ट्रंप-अबे से आज हो सकती है पीएम मोदी की आधिकारिक बातचीत

Mon, 13 Nov 2017 06:03 AM IST
एजेंसी, मनीला
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आसियान-भारत और पूर्वी एशिया सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय दौरे के तहत रविवार को फिलीपींस की राजधानी मनीला पहुंच गए। इन सम्मेलनों से इतर पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल और रूस के प्रीमियर दिमित्री मेदवेदेव से द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं। 
विज्ञापन



मोदी द्वारा यहां क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के अलावा आतंकवाद और कट्टरता की बढ़ती चुनौतियों से निपटने को वैश्विक दृष्टिकोण के लिए भारतीय मत रखे जाने की भी संभावना है। फिलीपींस में भारतीय राजदूत जयदीप मजूमदार ने बताया कि आसियान सम्मेलन के दौरान मंगलवार को विवादित दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन की आक्रामक सैन्य रणनीति, उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल परीक्षण समेत क्षेत्र में मौजूद तमाम रक्षा मुद्दों पर चर्चा होगी। 

पढ़ें- आसियान के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक फिलीपींस यात्रा: पीएम मोदी

उन्होंने कहा, ‘आसियान क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक देश चाहता है कि भारत हर संभव तरीके से इस क्षेत्र में अधिक से अधिक सक्रिय हो। आसियान के साथ हमारे पास बेहतर तालमेल हैं।’ मजूमदार ने यह भी बताया कि आतंकवाद का मु्दा न सिर्फ आसियान में बल्कि पूर्वी एशिया सम्मेलन में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
विज्ञापन


आसियान दक्षिण पूर्व एशिया के 10 प्रभावशाली देशों का समूह है। इसका वार्षिक शिखर सम्मेलन ऐसे वक्त हो रहा है जब विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन आक्रामक रवैया अपनाए हुए है और उत्तर कोरिया ने हाल के महीनों के कई मिसाइल व परमाणु परीक्षण किए हैं। ये दोनों मुद्दे आसियान शिखर बैठक की चर्चा के दौरान प्रमुखता से उठ सकते हैं। गौरतलब है कि अमेरिका फ्रांस और जापान भारतीय-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बड़ी भूमिका के लिए दबाव बना रहे हैं, ताकि चीन की बढ़ती दखलअंदाजी को काबू किया जा सके।

 
विज्ञापन

दक्षिण चीन सागर पर भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान एक

दक्षिण चीन सागर
दक्षिण चीन सागर में बढ़ती चीनी दखलअंदाजी के बीच मनीला में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान के अधिकारियों ने इस क्षेत्र में सहयोग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। रणनीतिक रूप से संवेदनशील इस क्षेत्र में चीनी सैना की बढ़ती गतिविधियों के बीच अपने हितों की रक्षा के लिए इस बैठक को इन चार देशों के एक चतुर्भुजीय समूह की रचना के रूप में देखा जा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए दृष्टिकोण व मूल्यों का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान अधिकारी सहमत हुए कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र, खुली और समावेशी व्यवस्था हो, जो इस क्षेत्र के सभी देशों के हित में है। इस दौरान अधिकारियों ने आतंकवाद पर भी चर्चा की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें