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NSG पर रोड़ा अटका रहे चीन ने SCO में किया भारत का समर्थन, मोदी बोले- शुक्रिया

Fri, 09 Jun 2017 01:20 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
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अस्ताना में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई है। पीएम मोदी करीब 8 महीने बाद चीन के राष्ट्रपति से मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एससीओ में भारत की पूर्ण सदस्यता का समर्थन करने पर भारत ने चीन का धन्यवाद किया है।
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  PM @narendramodi meets President of China #XiJinping on margins of SCO Summit in Astana pic.twitter.com/E0FO6au6uc — Gopal Baglay (@MEAIndia) June 9, 2017
दोनों देशों के बीच इस औपचारिक बैठक को काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि चीन के CPEC और एनएसजी में भारत की नो एंट्री पर दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ रखी है। अब ऐसी उम्मीद जताई जा रही है है कि इस बैठक के बाद कुछ सकारात्मक कदम सामने आ सकते हैं।
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इससे पहले पीएम मोदी ने करीब 17 महीने बाद इस सम्मेलन में पाकिस्तान पीएम नवाज शरीफ से मुलाकात की। भारत-पाक रिश्तों में तनाव और दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात की अटकलों के बीच एक रिसेप्शन कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी और नवाज शरीफ ने एक दूसरे का अभिवादन किया।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में शामिल होने आए नेताओं के स्वागत के लिए ओपरा में एकत्र नेताओं के बीच दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक दूसरे का हालचाल पूछा। इससे पहले भारत और पाक के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव कम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और नवाज शरीफ के बीच मुलाकात के कयास लगाए जा रहे थे। शरीफ की हार्ट सर्जरी के बाद यह पहला मौका है जब दोनों नेता एक दूसरे से मिले।

सूत्रों ने बताया कि मोदी ने शरीफ से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत की। साथ ही उन्होंने उनकी मां और परिवार का हालचाल जाना। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से पूछा गया था कि क्या मोदी और शरीफ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, इस पर गोपाल बागले ने कहा कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं है।

 
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भारत को क्या होगा फायदा

इस संगठन का मुख्य उद्देश्य मध्य एशिया में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर एक दूसरे के साथ सहयोग को बढ़ाना है। हालांकि पश्चिम एशिया इसे दूसरे तरीके से देखता है उसका मानना है कि SCO का मुख्य उद्देश्य नाटो के बराबर खड़ा होना है, जो अमेरिका के नेतृत्व वाला पश्चिमी देशों का एक प्रभावशाली संगठन है।

एससीओ में स्‍थायी सदस्यता हासिल करने के बाद भारत को बड़ा फायदा ये होगा कि वह दुनिया के एक ऐसे बड़े संगठन में शामिल हो जाएगा जो दुनिया की 20 फीसदी जीडीपी को संचालित करता है। SCO में शामिल होने के बाद भारत क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धता में अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभा सकेगा।

इसके अलावा मध्य एशिया में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। वहीं एससीओ में भारत की उपस्थिति क्षेत्रीय एकीकरण के लिए देश के उद्देश्य, सीमाओं के बीच कनेक्टिविटी और स्थिरता को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।
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