दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की दादागिरी के खिलाफ फ्रांस ने भी बिगुल फूंक दिया है। फ्रांस भारत-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के अलावा दक्षिण चीन सागर में युद्धपोत भेज चुका है। इस साल मई के अंत में फ्रांस का जंगी जहाज डिक्सम्यूड विवादित स्प्राटली आईलैंड और चट्टानों के एक समूह के आसपास पहुंचा। जहाज अभी भी उसी क्षेत्र में मौजूद है।
डिक्सम्यूड के कमांडिंग ऑफिसर जीन पोर्चर ने एक वीडियो इंटरव्यू में रिपोर्टरों से कहा, हमारा जहाज उन तमाम तकनीकों से लैस है, जो खुफिया जानकारी हासिल करने में माहिर है। हम उस विवादित जल क्षेत्र से गुजर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र का हिस्सा है। और इन तकनीकों का यहां इस्तेमाल किया जा सकता है। पोर्चर ने आगे कहा कि हमारे जहाज ने चीनी जंगी जहाजों के साथ सौहार्दपूर्ण रेडियो संपर्क तब तक बनाए रखा, जब तक हम एक विशेष जल क्षेत्र से वहां से आगे को चले नहीं गए। फ्रांस इस विवादित जल क्षेत्र में चीन के सैन्य निर्माण को रोकने में मदद के लिए वायु अभ्यास की योजना भी बना रहा है।