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कश्मीर पर पाकिस्तान की सहानुभूति मगरमच्छ के आंसू: बांग्लादेश

Mon, 06 Feb 2017 06:47 AM IST
एजेंसी/ ढाका/ इस्लामाबाद
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बांग्लादेश के एक वरिष्ठ मंत्री ने कश्मीर पर पाकिस्तान की सहानुभूति को मगरमच्छ के आंसू करार दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर बात करने से पहले पाकिस्तान को 1971 के जनसंहार के लिए माफी मांगनी चाहिए।
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बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनु ने कहा, कश्मीर के लिए पाकिस्तानी शासकों की सहानुभूति मगरमच्छ के आंसू के सिवाय कुछ भी नहीं हैं। वे 1971 क ी क्रूरता और जनसंहार के लिए माफी मांगने के बजाए लगातार निर्दोष होने का दिखावा करते रहते हैं। इनु ने पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा कश्मीर समर्थन दिवस मनाए जाने के बाबत एक पत्रकार के सवाल पर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास हमेशा नस्लीय भेदभाव का रहा है।

शेख हसीना सरकार में मंत्री इनु ने पाकिस्तानी उच्चायोग के समारोह को कूटनीतिक प्रावधानों के परे बताते हुए कहा कि यह भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय मामले में बांग्लादेश को जबरदस्ती खींचने का कुत्सित प्रयास है। इनु की वामपंथी झुकाव वाली पार्टी जातीय समाजतांत्रिक दल सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है।
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भारत-पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुख्य विवाद: शरीफ

- फोटो : getty images
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने रविवार को कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान की बीच ‘मुख्य विवाद’ है। शरीफ ने कहा कि इसे हल किए बिना क्षेत्र में शांति और लोगों की समृद्धि के सपने को साकार करना मुश्किल रहेगा।

शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को विभाजन का अधूरा एजेंडा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विवाद का सबसे पुराना मुद्दा करार देते हुए कहा कि पिछले सात दशक से भारत कश्मीर के लोगों को ‘आत्म निर्णय का अधिकार’ देने से इनकार करता आया है। पाक से इसका सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा वादा किया था। शरीफ ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के मौके पर बोल रहे थे। 

शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के लोग आज (रविवार) कश्मीर एकजुटता दिवस को मनाने के लिए अपने कश्मीरी भाइयों और बहनों के साथ शामिल हुए हैं जो कश्मीरी लोगों के बुनियादी मानवाधिकारों, खासतौर पर ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों के जरिए स्थापित आत्म निर्णय के अधिकार के लिए उनके कानूनी संघर्ष को हमारे नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन की पुष्टि करता है।’ 
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