बांग्लादेश के एक वरिष्ठ मंत्री ने कश्मीर पर पाकिस्तान की सहानुभूति को मगरमच्छ के आंसू करार दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर बात करने से पहले पाकिस्तान को 1971 के जनसंहार के लिए माफी मांगनी चाहिए।
बांग्लादेश के सूचना मंत्री हसनुल हक इनु ने कहा, कश्मीर के लिए पाकिस्तानी शासकों की सहानुभूति मगरमच्छ के आंसू के सिवाय कुछ भी नहीं हैं। वे 1971 क ी क्रूरता और जनसंहार के लिए माफी मांगने के बजाए लगातार निर्दोष होने का दिखावा करते रहते हैं। इनु ने पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा कश्मीर समर्थन दिवस मनाए जाने के बाबत एक पत्रकार के सवाल पर यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का इतिहास हमेशा नस्लीय भेदभाव का रहा है।
शेख हसीना सरकार में मंत्री इनु ने पाकिस्तानी उच्चायोग के समारोह को कूटनीतिक प्रावधानों के परे बताते हुए कहा कि यह भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय मामले में बांग्लादेश को जबरदस्ती खींचने का कुत्सित प्रयास है। इनु की वामपंथी झुकाव वाली पार्टी जातीय समाजतांत्रिक दल सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है।