आतंकवादी संगठन आईएसआईएस अब ब्रिटेन जाने वाले ऑयल टैंकर यानी तेल वाहक जहाजों पर हमले करने के फिराक में है। नौसेना के सुरक्षा बल गोताखोर जहाजों को आतंकियों के हमले से बचाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद कर दिए गए हैं। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसियों ने इस तरह के हमले की आशंका व्यक्त की है। खुफिया जानकारी के अनुसार आतंकी समूह मिडिल ईस्ट से उच्च ज्वलनशील ईंधन को ब्रिटेन ले जा रहे वाहक जहाजों पर हमला कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार जिहादी लिम्पेट माइंस पर भी हमला कर सकते हैं। जिससे जहाजों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। जानकारों ने कहा कि लाखों गैलन तेल लेकर जाने वाले जहाजों में विस्फोट से पूरे बंदरगाह को भी तबाह किया जा सकता है। स्पेशल बोट सर्विस और रॉयल नेवी डाइवर्स ने गोताखोरों को इस तरह की गतिविधि को रोकने के निर्देश दे दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि बड़े तेल वाहक जहाज ब्रिटेन के दो बंदरगाह केंट में आइसल ऑफ ग्रेन और वेल्स मिलफोर्ड हेवन में जाते हैं। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गैस टैंकरों पर खतरे की आशंका कुछ साल पहले व्यक्त की गई। जिसका मुकाबला करने के लिए हमनें प्रशिक्षण शुरु कर दिया है। आशंका है कि तेल टैंकरों को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया जाए। इससे ब्रिटेन में तेल की कमी के बाद आर्थिक संकट आ सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले दो सालों से ऐसे खतरे की आशंका के बाद गोताखोरों की टीम जहाजों की सुरक्षा में लगी हुई है। गोताखोर 200 फीट की गहराई तक जाकर विस्फोटक को नष्ट करने में सक्षम हैं। गोताखोर जेम्स बांड की स्टाइल वाली अंडरवाटर स्कूटर का उपयोग कर रहें हैं ताकि वह 300 यार्ड से भी अधिक लंबे जहाजों की निगरानी कर सकें। नौसेना के प्रवक्ता ने विशेष सुरक्षा बलों और चलाए जा रहे सुरक्षा अभियान पर जानकारी देने से इनकार किया है।