पाइरेटेड डीवीडी, नकली आईफ़ोन से चीन बहुत आगे बढ़ चुका है। नकल की संस्कृति को नए आयाम देते हुए चीन में पूरे के पूरे शहर की नकल तैयार की जा रही है।
हाल ही में बसाए गए चीन के थेम्स टाउन में घुसते ही आप चीन के चिर-परिचित माहौल से अलग दुनिया में आ जाते हो।
थेम्स टावर हाउसिंग स्कीम और इससे लगते सॉंगजियांग ज़िले के मुख्य योजनाकार ब्रिटिश आर्किटेक्ट टोनी मैके हैं।
यहां चीनी जीवन की धकापेल नहीं है, शोर-शराबा नही है।
सड़कें साफ़-सुथरी और हवादार हैं और कुछ दूरी पर इंग्लैंड के कॉट्सवर्ल्ड गांवों की तर्ज पर क्लॉक टावर भी नज़र आने लगता है।
और तो और इसमें मध्यकाल का एक मीटिंग हॉल और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल की मूर्ति तक है।
लेकिन मैके इस सबसे ख़ुश नहीं हैं। वो ख़ासकर निर्माण में उचित सामग्री इस्तेमाल न किए जाने और मूल योजना से भटकने से नाराज हैं। वह कहते हैं, “यह ठीक नहीं लगता, यह नकली लगता है।”
वह कहते हैं कि जिस वास्तुकार ने यह बनाया है उसने इसमें कई पद्धतियों का घालमेल कर दिया है। कहीं अनुपात गलत है, कहीं ऐसे पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है जो असली अंग्रेजी चर्च में कहीं इस्तेमाल नहीं होते।
मैके को यह किसी फ़िल्मी सेट की तरह लगता है।
वैसे थेम्स टाउन में कई युवा जोड़े तस्वीरें खिंचवाने आते हैं। इनमें ज़्यादातर को यूरोपीय जीवन पसंद है।
अपनी साथी के साथ एक फव्वारे के आगे फोटो खिंचवा रहे एक युवक फ़ान करते हैं, “मैं सचमुच चाहता हूं कि किसी दिन असली थेम्स नदी को देख पाऊं। इसके किनारों पर बैठूं, कॉफ़ी पीऊं और ब्रितानी सूर्यास्त का मज़ा लूं।”
अपनी छुट्टी के दिन थेम्स टाउन पहुंचीं झांग के अनुसार बाकी चीनी शहर बहुत भीड़ भरे हैं इसलिए वह यहां आई हैं।
वह कहती हैं, “सामान्यतः अगर आप विदेशी इमारतों को देखना चाहते हैं तो आपको विदेश जाना होगा। लेकिन यहां इन्हें देखकर आप पैसे बचा सकते हैं।”
थेम्स टाउन चीन के “एक शहर, नौ कस्बे” वाली योजना के तहत बसाया गया है। योजना के तहत शहर के इर्द-गिर्द अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय तर्ज के कस्बे शहर के इर्द-गिर्द बसाए जाएंगे।
चीन में एफ़िल टावर, मॉक टावर ब्रिज और तो और इंग्लैंड में स्थित प्रागैतिहासिक स्टोनहेंगे का प्रतिरूप भी बनाया गया है।
यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों में शामिल ऑस्ट्रेलिया के हॉलस्टेट के अल्पाइन गांव का प्रतिरूप पिछले साल गुआंगडोंग प्रांत में बनाया गया था।