उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के बाद वैश्विक राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारत के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए दक्षिण कोरिया ने भी कदम बढ़ा लिए हैं। दक्षिणी कोरिया का मानना है कि इसे लेकर बातचीत पर इस तनाव का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
उधर अमेरिका ने सभी देशों से उत्तर कोरिया के साथ राजनयिक और व्यापारिक संबंध समाप्त करने का आग्रह किया है। ऐसे में दक्षिण कोरिया में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक में उत्तर कोरिया का खेलना संदेहास्पद ही है।
भारत ने हाल ही में दक्षिणी कोरिया से के-9 तोप खरीदने पर अपनी सहमति जताई है। अन्य सैन्य गतिविधियों पर बातचीत जारी है। दक्षिण कोरिया चाहता है कि उत्तर कोरिया से तनावपूर्ण रिश्ते के इस दौर में भारत उसके साथ रहे क्योंकि दोनों देश युद्ध नहीं, शांति चाहते हैं।
अमेरिका भी उसके साथ है जिससे सियोल में लोगों के चेहरे पर विश्वास झलकता है। दक्षिण कोरिया के उप रक्षा मंत्री येओ सूक ने विदेशी पत्रकारों से कहा कि हम बनाना नहीं चाहते इसलिए हमारे पास परमाणु हथियार नहीं हैं। हमारे पारंपरिक हथियार ही काफी हैं और अमेरिका भी हमारे साथ है।
अब सवाल है कि अगले साल फरवरी में प्योंगचेंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक का कैसा माहौल रहेगा। 1988 के सोल ओलंपिक के दौरान उत्तर कोरिया ने दक्षिणी कोरिया के एक यात्री विमान को मार गिराया था, जिसमें दो भारतीय सहित 115 लोगों की जान चली गई थी।
हालांकि सूक ने भरोसा दिलाया है कि वैसा अब नहीं होगा। दक्षिण कोरिया अब किसी भी परिस्थिति में उत्तर कोरिया से निपटने के लिए तैयार है। सियोल में बृहस्पतिवार को विदेशी पत्रकारों से बातचीत करते हुए इंटरनेशनल मीडिया रिलेशन की प्रमुख जीले ली ने कहा कि ओलंपिक में आने वाले मेहमानों का संख्या पर इस तनाव का कोई असर नहीं पड़ेगा, न ही टूरिस्ट कम होंगे।