ताजा परमाणु परीक्षण के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगाने को लेकर सहमति बन गई है। कहा जा रहा है कि ये उत्तर कोरिया का पांचवा और कथित तौर पर अब तक का 'सबसे शक्तिशाली परीक्षण' है।
नए प्रतिबंध लगाने का फैसला 15-सदस्यों की एक आपात बैठक के दौरान लिया गया। इससे पहले दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पाक गुन-हे ने इसे 'आत्म-विनाश' वाला कदम बताया और कहा कि इससे नेता किम जोंग-उन की सनक जाहिर होती है।चीन ने कहा है कि वह इस परीक्षण का 'घोर विरोध' करता है, और जापान ने भी अपना 'कड़ा प्रतिरोध' दर्ज किया है। उत्तर कोरिया ने हाल के वर्षों में अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम काफी मजबूत कर लिया है।
अमरीका ने भी उत्तर कोरिया के इस कदम पर 'गंभीर परिणामों' की चेतावनी दी। कुछ जानकारों का मानना है कि अब उत्तर कोरिया के इस कदम के बाद अमरीका सैनिक कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद उसने इस साल दो परमाणु परीक्षण किए। जानकारों के अनुसार किम जोंग-उन के तेवर भी आक्रामक होते जा रहे हैं।