उत्तर कोरिया ने चेतावनी दी है कि ज्यादा प्रतिबंधों और दबाव से उसे कोई फर्क नहीं पड़ेगा बल्कि इससे उसके परमाणु कार्यक्रमों को और गति मिलेगी। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। उत्तर कोरिया ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंध विद्वेषपूर्ण, अनैतिक, अमानवीय और शत्रुतापूर्ण कदम हैं।
इस बीच अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप में संयुक्त सैन्य अभ्यास किए हैं। इसी हफ्ते संयुक्त राष्ट्र की जनरल असेंबली में उत्तर कोरिया सबसे बड़ा और अहम मुद्दा होने जा रहा है। उत्तर कोरिया ने इसी शुक्रवार को जापान के ऊपर से एक मिसाइल दागी थी।
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उसने इस परीक्षण को अहम करार दिया था। इसी परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने ताजा प्रतिबंध लगाया है। उत्तर कोरिया के रुख की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से कड़ी निंदा की थी। सुरक्षा परिषद ने कहा था कि उत्तर कोरिया का नया परीक्षण उकसाने वाला है।
उत्तर कोरिया का क्या कहना है?
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय का बयान वहां की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए की वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ है। उत्तर कोरिया ने कहा कि अमेरिका और उसके अधीन काम करने वाली ताकतों की तरफ से लगाए जाने वाले प्रतिबंध और दबाव से केवल हमें परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने में ही मदद मिलेगी।
उत्तर कोरिया ने कहा कि वो इन दबावों के सामने झुकने नहीं जा रहा। उत्तर कोरिया ने यह भी कहा कि 11 सितंबर को यूएन की तरफ से नए प्रतिबंधों की मंजूरी उसको तबाह करने के लिए है। उसने कहा कि प्रतिबंधों के माध्यम से उत्तर कोरिया की सरकार और यहां के लोगों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
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उसने कहा कि नए प्रतिबंधों का मकसद ईंधन आपूर्ति को खत्म करना, आय के स्रोतों को बंद करना, तेल के आयात पर पाबंदी लगाना और कपड़ों के निर्यात को बाधित करना है। इस महीने उत्तर कोरिया ने सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया था।
हालांकि कुछ आलोचकों ने प्रतिबंधों पर सवाल खड़े किए हैं। इनका कहना है कि उत्तर कोरिया अब भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार कर रहा है। ब्लूमबर्ग न्यूज के मुताबिक चीन के साथ उत्तर कोरिया का व्यापारिक संबंध है और इसी के दम पर पिछले साल उत्तर कोरिया की आर्थिक प्रगति की दर 3.9 फ़ीसदी रही थी।