इन सभी हालिया घटनाओं के बाद भी सांसदों की रिपोर्ट कहती है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को नहीं छोड़ेगा और जल्द ही अपने विरोधी देशों को परमाणु हथियारों से डराने की कोशिश करेगा। सांसदों की कमेटी का कहना है कि ब्रिटेन पर परमाणु हमले की आशंका बेहद कम है क्योंकि उत्तर कोरिया का ध्यान अमेरिका को धमकाने पर है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया ये अच्छी तरह जानता है कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से उसे विनाशकारी परिणाम झेलने होंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अगर क्षेत्र में ऐसा कोई सैन्य संघर्ष होता है तो ब्रिटेन चुपचाप नहीं देखेगा और अमेरिका की मदद करेगा।
सांसदों की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि उत्तर कोरिया ब्रिटेन पर साइबर हमला करवा सकता है। ये अनुमान है कि पिछले साल मई में 'वानाक्राई' साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ था जिसने एनएचएस अस्पताल और दुनिया के कई बैंकों और बड़े बिजनेस संस्थानों को प्रभावित किया था जिससे अरबों डॉलर को नुकसान हुआ। कमेटी के अध्यक्ष जुलियान लुईस ने कहा कि उत्तर कोरिया से खतरा तेजी से बढ़ रहा है और इसलिए ब्रिटेन को अपनी सुरक्षा पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत है। उन्होंने बीबीसी से कहा कि वे चाहते हैं कि साइबर और परमाणु खतरों से निबटने के लिए
ब्रिटेन की सुरक्षा पर जीडीपी का 3 फीसदी खर्च हो जो फिलहाल 2 फीसदी है।