उत्तर कोरिया ने पुष्टि की है कि उसने तीसरा परमाणु परीक्षण किया है। उसका कहना है कि परीक्षण 'सुरक्षित और बिल्कुल सही तरीके' से किया गया।
सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक वैज्ञानिकों ने एक सूक्ष्म परमाणु उपकरण का विस्फोट किया।
ये पुष्टि तीन घंटे पहले महसूस किए झटकों के बाद हुई है। इसका केंद्र वो जगह थी जहां पुंगये-री भूमिगत परमाणु परिक्षण केंद्र है।
उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु परीक्षण की पुष्टि से पहले दक्षिण कोरिया ने इसे मानव-निर्मित भूकंप बताया था जिसकी तीव्रता 5.1 बताई गई। ये इस ओर इशारा करता है कि ताजा परीक्षण उत्तरी कोरिया के वर्ष 2006 और 2009 के परमाणु परीक्षणों से ज्यादा बड़ा है।
शुरुआती झटकों के बारे में अमेरिका की भूगर्भ सर्वेक्षण संस्था, यूएसजीएस, ने कहा था कि 2:57 जीएमटी पर 4.9 तीव्रता वाला हल्का भूकंप दर्ज हुआ। यूएसजीएस के मुताबिक भूकंप एक किलोमीटर की गहराई में हुआ।
संयुक्त राष्ट्र की एक जांच संस्था ने इसे 'विस्फोट जैसी एक असाधरण भूकंपीय घटना' बताया है। जापान की मौसम विज्ञान संस्था ने कहा है कि ये झटके 'सामान्य भूकंप जैसे नहीं थे।'
प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने इस परीक्षण की ये कहते हुए निंदा की है कि ये संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का 'साफ और गंभीर उल्लंघन' है।
इस परीक्षण के बारे में विचार-विमर्श करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक भारतीय समयानुसार आज शाम साढ़े सात बजे होने की उम्मीद है। इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे दक्षिण कोरिया ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की अपातकालीन बैठक बुलाई है।
वहीं जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने कहा है कि उत्तर कोरिया के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कदमों के अलावा उनकी सरकार ख़ुद प्रतिबंध लगाने पर भी विचार करेगी।
प्रतिबंध
जनवरी में संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2012 में उत्तरी कोरिया द्वारा लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंध लगा दिए थे।
उत्तरी कोरिया ने पिछले दो परमाणु परिक्षण उस वक्त किए थे जब संयुक्त राष्ट्र ने उसके रॉकेट प्रक्षेपणों की छुपाकर किए गए मिसाइल परिक्षण कहकर निंदा की थी।
उत्तर कोरिया द्वारा पिछले साल दिसंबर में रॉकेट छोड़ने के बाद संयु्क्त राष्ट्र ने प्रतिबंध बढ़ा दिए थे जिसके बाद प्योंगयांग ने इस वर्ष जनवरी में ' उच्च-स्तरीय' परमाणु परीक्षण करने की घोषणा की थी।
उस रॉकेट प्रक्षेपण से देश ने अंतरिक्ष में उपग्रह भेजा था। लेकिन अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने उत्तर कोरिया को परीक्षण नहीं करने की चेतावनी दी थी।