जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने बृृहस्पतिवार को आशंका जताई कि उत्तर कोरिया के पास सरीन रासायनिक गैस युक्त हमले करने की क्षमता हो सकती है। दरअसल उत्तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु प्रोग्राम को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है।
सरीन रासायनिक गैस का प्रयोग 1995 में जापान के घरेलू हमले में किया गया था। 1995 में ओम सुप्रीम सत्य पंथ ने टोक्यो की सड़कों पर इसे छोड़ दिया था जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी जबकि छह हजार अन्य बीमार हो गए थे।
रासायनिक गैस की बात करते हुए अबे ने एक संसदीय कूटनीति और रक्षा समिति को बताया कि ऐसी आशंका है कि उत्तर कोरिया के पास पहले से ही सरीन युक्त मिसाइल से बमबारी करने की क्षमता हो। अबे का यह बयान जापान की मुख्य मीडिया के माध्यम से सामने आया। हालांकि इसमें यह नहीं बताया कि उन्हें यह जानकारी कहां से प्राप्त हुई।