जुमे की नमाज के दौरान हमले का शिकार हुई लिनवुड मस्जिद के इमाम इब्राहिम अब्दुल हलीम ने कहा, ‘यह हत्याकांड न्यूजीलैंड के प्रति मुस्लिम समुदाय के प्रेम को डिगा नहीं पाएगा। हम अब भी इस देश से प्रेम करते हैं। चरमपंथी हमारे विश्वास को छू भी नहीं पाएंगे। न्यूजीलैंड के मुसलमान इस देश को अब भी अपना घर मानते हैं। मेरे बच्चे यहां रहते हैं। हम खुश हैं।’
गन कानून में होगा बदलाव होगा : अर्डर्न
देश के बंदूक संबंधी कानूनों पर बात करते हुए प्रधानमंत्री अर्डर्न ने कहा कि वह इसमें बदलाव करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि हमले में मुख्य अपराधी ने 5 बंदूकों का इस्तेमाल किया। उसने लाइसेंस नवंबर 2017 में हासिल किए थे। इस गंभीर घटना को देखते हुए मैं कह सकती हूं कि अब हमारा गन कानून बदल जाएगा।’
हर चौथे व्यक्ति के पास बंदूक
न्यूजीलैंड में 16 साल से ऊपर कोई भी व्यक्ति लाइसेंसी बंदूक के लिए आवेदन कर सकता है। सेफ्टी कोर्स और पुलिस की जांच के बाद आवेदन करने वाले व्यक्ति को इसका लाइसेंस मिलता है, जो दस साल के लिए वैध होता है। 2014 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड में हर चौथे व्यक्ति के पास बंदूक है और यह संख्या 12 लाख के आसपास है।
ऑस्ट्रेलिया में बढ़ाई गई सुरक्षा
न्यूजीलैंड की घटना को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर बड़े कार्यक्रमों के अलावा मस्जिदों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। फार्मूला वन ग्रैंड प्रिक्स को देखते हुए विक्टोरिया को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया के नेशनल इमाम काउंसिल के प्रवक्ता बिलाल रऊफ को डर है कि क्राइस्टचर्च की वारदात ऑस्ट्रेलिया में भी दोहराई जा सकती है।
मदद को आगे आए स्थानीय लोग
क्राइस्टचर्च हमले के बाद मुस्लिमों में डर का माहौल है। इस बीच, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सामने आए हैं। मुस्लिमों की मदद के लिए कुछ लोग फंड जुटा रहे हैं तो कुछ लोग उनके खाने का प्रबंध कर रहे हैं। सोशल मीडिया एक शख्स ने लिखा कि अगर क्राइस्टचर्च में कोई मुस्लिम डरा हुआ है और वो बाहर निकलने से कतरा रहा है तो वह उनके साथ घूमने को तैयार है।
हमलावर को रोकने की कोशिश में दो पाक नागरिकों की मौत
न्यूजीलैंड में दो मस्जिदों पर हुए आतंकवादी हमले में दो पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं। इनमें से एक की मौत हमले के दौरान हमलावर को काबू में करने के दौरान हुई थी। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार हमले में घायल नईम रशीद की इलाज के दौरान मौत हो गई और उनकी पहचान क्राइस्टचर्च शहर में मस्जिद पर हमला करने वाले दक्षिणपंथी आतंकवादी पर झपटने वाले व्यक्ति के रूप में की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राशिद को उस समय गोली लगी जब उसने क्राइस्टचर्च की एक मस्जिद में घुसे हमलावर को पकड़ने का प्रयास किया था।