नेपाल के ग्रामीण इलाके में पैदा होने वाली और लड़के के रूप में पाली गई मोनिका शाही नाथ ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन वह दुल्हन बनेंगी और उन्हें एक पत्नी और बहू के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
नेपाल में ट्रांसजेंडरों के लिए कोई विशेष कानून नहीं होने के बावजूद 40 वर्षीय मोनिका जिलाधिकारी से विवाह प्रमाणपत्र पाने वाली नेपाल की पहली ट्रांसजेंडर बन गई हैं।
मोनिका ने मई में 22 वर्षीय रमेश नाथ योगी से शादी की थी। शुरूआत में उन्हें डर था कि एक ट्रांसजेंडर महिला के रूप में उनके ससुराल वाले उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे।
लेकिन बहुत ही आश्चर्यजनक तरीके से मोनिका के ससुराल वालों ने उन्हें मंजूरी दे दी। मोनिका ने कहा कि पति और पत्नी के रूप में स्वीकार्यता मिलने के बाद हम खुश हैं।
बता दें कि इससे पहले 2015 में अन्य जेंडर ‘ओ’ के लिए पासपोर्ट पाने वाली भी वह पहली ट्रांसजेंडर नेपाली थीं। मोनिका ने कहा कि मैंने कभी सपने भी नहीं सोचा था कि मैं किसी की पत्नी बनूंगी और मुझे बहू का प्यार मिलेगा।
योगी के परिवार ने शुरूआत में विरोध जताया लेकिन अब समुदाय ने दंपती को स्वीकार कर लिया है। नाथ ने कहा कि मुझे किसी की पत्नी होने का आशीर्वाद मिला है, लेकिन सरकार को कानून बदलने की जरूरत है ताकि लोग आसानी से उस व्यक्ति से शादी कर सकें जिससे वे प्यार करते हैं।
परिवार की शर्मिंदगी से लगता थी डर
मोनिका का पालन-पोषण पश्चिमी नेपाल के एक ग्रामीण इलाके में एक लड़के मनोज के रूप में हुआ था। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं हमेशा अलग महसूस करती थीं। स्कूल में, लड़कियों के साथ बैठना पसंद करती थी और लड़कियों के कपड़े पहनना पसंद करती थी।’’