K.P. Sharma Oli
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की आगामी 5 दिवसीय चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़े करार होने की संभावना जताई जा रही है, जिनमें ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और तिब्बत के केरयूंग से नेपाल की राजधानी काठमांडू को जोड़ने वाली रेल लाइन के निर्माण सबसे अहम हैं। ओली दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद पहली बार चीन जा रहे हैं।
नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य गणेश शाह ने बताया कि इस दौरान ओली वहां करीब आधा दर्जन द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। केरयूंग-काठमांडू रेल लाइन के अगले चार साल में पूरा हो जाने की संभावना है। और 6 चीनी कंपनियों का नेपाल की 6 निजी कंपनियों के बीच भी किया जाएगा। ओली चीन के प्रधानमंत्री ली केकियांग के बुलावे पर वहां जा रहे हैं।
बता दें कि ओली 2016 में प्रधानमंत्री के तौर पर अपने छोटे से कार्यकाल से ही चीन-नेपाल रिश्तों को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने उस दौरान मधेशी आंदोलन के बढ़ते प्रभाव के दौरान भारत पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए चीन के साथ ट्रांजिट व्यापार संधि भी की थी। साथ ही हिमालय में तिब्बत के जरिए चीन के रेल नेटवर्क और सड़क मार्ग तक अपनी पहुंच भी बनाने की ख्वाहिश जताई थी।
भारत से किया है संतुलित संबंध का वादा
हालांकि दोबारा निर्वाचन के बाद ओली अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत ही आए थे। तब उन्होंने चीन-भारत के बीच नेपाली नीति को संतुलित बनाए रखने का वादा किया था। ओली के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वहां की यात्रा करने से भी दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच रेल लाइन निर्माण और जल विद्युत के क्षेत्र में सहयोग पर भी सहमति बनी है।