नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपने चीन दौरे पर नेपाल-भारत-चीन ट्राई जंक्शन लिपु-लेख का मुद्दा उठा सकते हैं। मंगलवार को चीन दौरे पर रवाना होने से पहले ओली ने पूर्व प्रधानमंत्रियों से बातचीत की। इस दौरान एक पूर्व प्रधानमंत्री ने उनसे लिपु-लेख के मुद्दे को उठाने को कहा।
ओली का पांच दिवसीय चीन दौरा मंगलवार से शुरू हो रहा है। दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद यह उनकी पहली चीन यात्रा है। इसी संबंध में उन्होंने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्रियों शेर बहादुर देउबा, पुष्प कमल दहल, माधव कुमार नेपाल, झाला नाथ खनल और बाबूराम भट्टरई से मुलाकात की।
नया शक्ति नेपाल पार्टी के संयोजक भट्टरई ने अलग से एक 10 बिंदुओं का सुझाव पेश किया। भट्टरई ने ओली से लिपु-लेख के मुद्दे को उठाने की अपील की। लिपु-लेख नेपाल-भारत-चीन के बीच एक विवादित ट्राई जंक्शन है।
इसके तहत नेपाल और चीन इसे एक पारगमन बिंदु के रूप में विकसित होने, चीन के साथ अधिक सीमा बिंदु खोलने, भूमि की अदला-बदली करके सीमा विवादों को सुलझाने, बेल्ट और रोड पहल और एशियाई बुनियादी ढांचे और निवेश बैंक के ढांचे के तहत वित्तीय सहायता मांगने और सीमावर्ती शहर केरंग से काठमांडू तक एक रेलवे का निर्माण के लिए एक अनुदान प्राप्त करने पर सहमत हुए थे।