नेपाल सरकार ने अपने नए संविधान में संशोधन करने का फैसला कर लिया है। इस फैसले को देश में आंदोलन कर रहे मधेसियों की दो मांगों का हल निकालने की दिशा में कदम बताया जा रहा है।
मधेसी आनुपातिक प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्र की परिसीमन की मांग कर रहे हैं।
नेपाल के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री कमल थापा ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को बताया है कि नेपाल की कैबिनेट ने मधेसियों के आंदोलन को खत्म करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।