भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय ने सुझाव दिया है कि
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों को इंफ्रास्टक्चर, शिक्षा जैसे अर्थव्यवस्था के विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। राय ने कहा कि किसी जगह उनका तीन साल का तय कार्यकाल होना चाहिए। उनका बार बार स्थानांतरण नहीं किया जाना चाहिए ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें।
राय ने कहा कि भारतीय लोक सेवा में ‘बेहतरीन’ प्रतिभा वाले लोग आते हैं क्योंकि उन्हें इसमें अच्छे अवसर मिलते हैं। उन्होंने ‘सिंगापुर इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज’ में ‘द इंडियन सिविल सर्विस: हैज इट डिलिवर्ड?’ पर व्याख्यान देते हुए मंगलवार को एक प्रश्न के जवाब में कहा, ‘मैं इस बात की जोरदार सिफारिश करता हूं कि लोक सेवकों को विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षित किए जाने की जरूरत है।’ राय ने कहा, लोक सेवकों का बार बार ट्रांसफर नहीं किया जाए, क्योंकि इससे उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है और उन्हें अपने काम में पूरी तरह से जुटने का मौका नहीं मिल पाता।’