प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम को ईरान पहुंचे। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान वह यहां चाबहार बंदरगाह समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ ही ऊर्जा के क्षेत्र में करार कर सकते हैं। पीएम मोदी तेहरान पहुंचते ही यहां स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे और उसके बाद उन्होंने अपने दौरे को आगे बढ़ाया।इससे पहले, पीएम मोदी ने खाड़ी देश पर से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटने को अपार अवसरों के लिए दरवाजे खुलना बताया। उन्होंने कहा कि भारत ईरान के साथ आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिछले 15 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला ईरान दौरा है। रविवार शाम को तेहरान के मेहरादाब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने ईरान के वित्त व आर्थिक मामलों के मंत्री अली तैय्यब्निया पहुंचे। पीएम यहां से एक गुरुद्वारे में दर्शन के लिए निकले। ईरान पहुंचने पर पीएम ने ट्वीट कर उम्मीद जताई कि उनके दौरे के दौरान ईरान-भारत के आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने अपने ट्वीट में भारत और ईरान के बीच संस्कृति का आदान-प्रदान होने की उम्मीद भी जताई।
ईरान पहुंचने से पहले रविवार को पीएम मोदी ने यहां की समाचार एजेंसी आईआरएनए से बातचीत में कहा कि भारत और ईरान हमेशा साथ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दोनों देश व्यापार, तकनीक, निवेश और पुनर्निर्माण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे सकते हैं। पीएम ने कहा कि चाबहार बंदरगाह से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी। भारत में निवेश करने के लिए ईरान का स्वागत है। पीएम मोदी ने चाबहार बंदरगाह को लेकर हुई प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने ईरान को एक अहम पड़ोसी बताते हुए कहा कि हम दोनों देश साझे इतिहास और सभ्यता के जरिये जुड़े हुए हैं।