समलैंगिकता के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देकर विवादों में फंसे एक कंपनी के सीईओ को अपना पद छोड़ना पड़ा है। फायर फ़ाक्स ब्राउज़र की कंपनी मोज़िला के सीईओ ब्रेंडेन एरिक को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
उन्हें पिछले महीने ही इस पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन समलैंगिक विवाह के विरोध में दिए अपने विचारों के कारण वो जल्द ही आलोचकों के निशाने पर आ गए। इस्तीफ़े के साथ ही एरिक मोज़िला फाउंडेशन के बोर्ड से भी अलग हो गए हैं।
दरअसल मोज़िला के सह संस्थापक और जावा स्क्रिप्ट बनाने वाले एरिक ने साल 2008 में कैलिफोर्निया समलैंगिक विरोधी कानून बनाने के प्रस्ताव के समर्थन में 1,000 डॉलर (क़रीब 60,000 रुपए) का अनुदान दिया था। हालांकि यह कानून शुरू में तो पास हो गया था लेकिन बाद में 2013 में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ख़ारिज कर दिया गया था।
जब पिछले महीने 24 मार्च को एरिक की नियुक्ति की घोषणा की गई तो नाराज यूज़र्स ने सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ अपने विचार रखने शुरु कर दिए। इस मामले में मोज़िला के कई उच्च पदस्थ कर्मचारियों ने भी अपनी आवाज़ उठाई थी।
मामला इतना बढ़ गया कि नियुक्ति के एक हफ्ते के अंदर ही बोर्ड के तीन सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया था। लेकिन शुरु में मोज़िला ने एरिक का बचाव किया और इसका विवाद से कोई नाता नहीं होने की बात कही। हालांकि बाद में विरोध का सबसे तीखा हमला डेटिंग वेबसाइट ओकेक्यूपिड की ओर से हुआ। जिसके बाद एरिक को इस्तीफा देना पड़ा।
मोज़िला की एक्जीक्यूटिव कमेटी की अध्यक्ष मिशेल बेकर ने एक ब्लॉग के जरिए इस फैसले का ऐलान किया। साथ ही एरिक के इस्तीफे के बाद उनकी जगह कौन आएगा इसके बारे में साफ तौर से अभी कुछ भी नहीं कहा गया है।