इराकी सेना ने मोसुल शहर को दुर्दांत आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के कब्जे से आजाद करा लिया है। इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-आब्दी ने रविवार को इसका एलान किया। यह इस्लामिक स्टेट की अब तक की सबसे बड़ी है।
आब्दी के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, पीएम खुद मोसुल पहुंचे और सेना व इराकी अवाम को इस बड़ी जीत की बधाई दी। इस्लामिक स्टेट ने तीन साल से मोसुल पर कब्जा कर रखा था। इराकी सेना ने शहर को आतंकियों के कब्जे से आजाद कराने के लिए नौ महीने से भीषण लड़ाई छेड़ रखी थी। आब्दी के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से जारी एक तस्वीर में प्राचीन शहर मोसुल की आजादी का एलान करने यहां पहुंचे प्रधानमंत्री काले रंग की सैन्य वर्दी और टोपी पहने दिख रहे हैं।
हालांकि मोसुल में लड़ाई पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। शहर में गोलियों और हवाई हमलों की आवाज उस समय भी सुनी गई जब प्रधानमंत्री के कार्यालय से मोसुल की आजादी का एलान किया जा रहा था। मोसुल पर फिर से इराकी फौज का कब्जा होना कई मायने में अहम है। 2014 से ही इराक में आईएस ने खूंरेजी मचा रखी है। आईएस ने इराक के ज्यादातर सुन्नी बहुल इलाके में 2014 में कब्जा कर लिया था। वह इराक और पड़ोसी देश सीरिया में खलीफा की हुकूमत का दावा करता रहा है। लेकिन अमेरिका के नेतृत्व में सीरिया और इराक दोनों में ही आईएस पर बड़ी सैन्य कार्रवाई हो रही है। इसके कारण आईएस के कब्जे वाला बड़ा भूभाग उसके हाथ से निकल गया है।