एक ट्वीट किसी को कहां से कहां तक ले जा सकता है। इसका एक उदाहरण तुर्की में देखने को मिला, जहां मिस तुर्की को इसकी वजह से कुछ घंटों में ही अपना ताज गंवाना पड़ा। दरअसल, मिस तुर्की ने 2016 में तख्तापलट को लेकर एक ट्वीट किया, जिस पर बाद में काफी विवाद हुआ और उनसे यह खिताब छीन लिया गया।
18 साल की इटिर एसेन ने गुरुवार की रात मिस तुर्की 2017 का सम्मान जीता और वह इस साल मिस वर्ल्ड की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली थी। लेकिन ऑर्गनाइजर्स ने उनके ट्वीट के बाद उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया।
बता दें कि 15 जुलाई 2016 में तुर्की में राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन को हटाने के लिए सैन्य तख्तापलट की नाकाम कोशिश की गई थी। इटिर एसेन ने अपने ट्वीट में तख्तापलट के दौरान मारे गए 249 सैनिकों की तुलना शहीदों से की।
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उन्होंने कहा, 'मैं इस दिन का जश्न मनाने के लिए शहीद हुए विद्रोहियों के लिए खून बहा रही हूं। यहां इटिर एसेन ने महिलाओं के 'उन दिनों' की तकलीफ को शहादत से जोड़ा था।' ऑर्गनाइजर्स ने कहा कि एसेन ने यह ट्वीट रिजल्ट घोषित होने के कुछ देर बाद किया। जिसके बाद ऑर्गनाइजर्स ने एक बैठक बुलाई और रनर-अप रही अस्ले सुमेन को मिस तुर्की का अवार्ड देने का फैसला किया।