32 साल पहले 1985 में आज के ही दिन आया था मेक्सिको में भूकंप। इस भूकंप में करीब 10,000 लोगों के मारे गए थे। उस भूकंप की याद आज भी लोगों के जेहन में है। सरकार भी उस भूकंप त्रासदी से सबक लिया था। कल जब एक बजकर 18 मिनट पर मेक्सिको सिटी की धरती भूकंप से हिल रही थी, उस समय शहर के लोगों ने समझा कि मॉक ड्रिल चल रही है। बिल्डिंग में सायरन बज रहे थे। लेकिन कौन जानता था कि ये सायरन असल में भूकंप की चेतावनी दे रहे हैं। जब तक लोग समझ पाते तब तक धरती हिलने लगी, बिल्डिंगे भर-भरा कर गिर रही थीं।
7.1 मैग्ननीट्यूड से आए भूकंप ने सेंट्रल मेक्सको को हिला कर रख दिया है। शहर में दर्जनों बिल्डिंगें गिरी हैं. इमारतों में लोग फंसे हुए हैं, कई स्कूलों में बच्चों के फंसे होने की खबर है। मोरेलस और प्यूबला स्टेट में भारी क्षति हुई है। 15 दिन पहले भी मेक्सिको भूकंप से हिला था। उस समय रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 8.1 आंकी गई थी जबकि 90 लोग मारे गए थे।
इस तगड़े भूकंप के बाद चारों ओर अफरा तफरी के माहौल के बीच जीवित लोगों की तलाश का अभियान तेज कर दिया गया है। सिविल प्रोट्क्सन एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार इस भूकंप में 226 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।
भूकंप का केंद्र पुएब्ला प्रांत में था जो मेक्सिको सिटी से दक्षिण पूर्व में स्थित है। मेक्सिको सिटी के मेयर के मुताबिक राजधानी में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि भूकंप में ढही इमारतों के मलबों में कई लोग दबे हो सकते हैं। मेक्सिको सिटी दुनिया में सबसे घनत्व वाला शहर है जहां 20 मिलियन लोग रहते हैं।