इंसान की क्रूरता को खारिज कर और मांस खाना छोड़कर शाकाहारी हो जाने को विषय बनाकर लिखे गए उपन्यास 'द वेजीटेरियन' को 2016 के 'मैन बुकर इंटरनेशनल' पुरस्कार के लिए चुना गया है।
दक्षिण कोरियाई लेखक हैन कैंग की इस क़िताब का अंग्रेजी में अनुवाद किया है देब्रह स्मिथ ने, जिन्होंने 2010 में ही कोरियाई भाषा सीखनी शुरू की थी। पुरस्कार चयन समिति के अध्यक्ष बोएड टॉनकिन ने कहा कि हैन कैंग का काम अविस्मरणीय, सशक्त और मौलिक था। मैन बुकर इंटरनेशनल की 50 हज़ार पाउंड की पुरस्कार राशि लेखक और अनुवादक में बंटेगी।
इस पुरस्कार की दौड़ में नोबल पुरस्कार विजेता ओरहन पामुक, इतावली लेखक एलेना फ़ेरांटे, अंगोला के वर्डस्मिथ जोस इड्रूडो एग्वालसा, चीनी लेखक यान लियांके और ऑस्ट्रियन उपान्यासकार रॉबर्ट सीथर शामिल थे। किताब की अनुवादक स्मिथ जब 21 साल की थीं तो वो केवल अंग्रेज़ी ही जानती थीं।
अंग्रेज़ी में स्नातक की पढ़ाई के दौरान उन्हें अंग्रेज़ी-कोरियन के अनुवादकों की कमी का पता चला। इसके बाद उन्होंने अनुवादक बनने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा, ''मैं निश्चित रूप से अपने जन्म से ही कोरियाई भाषा नहीं बोल रही हूं। मैं कोरियाई भाषा, बहुत हद तक उस व्यक्ति की तरह बोलती हूं जिसने किताबें पढ़कर इसे सीखा हो।'' 'द वेजीटेरियन' अंग्रेज़ी भाषा में अनुवाद होने वाला हैन कांगस का पहला उपन्यास है। उनकी दूसरी किताब ' ह्यूमन एक्ट' भी प्रकाशित हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि उन्हें इस किताब का आइडिया अपनी एक लघुकथा 'द फ्रूट ऑफ़ माई वुमेन' को पढ़ने के बाद आया। इसमें एक महिला पौधे में बदल जाती है।